
एयरबैग कंट्रोल यूनिट में खराबी, कंपनी ने वापस बुलाई मारुति सुजुकी डिजायर S-टूर
क्या है खबर?
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने इसी साल मार्च में डिजायर सेडान कार का टूर-S CNG वेरिएंट लॉन्च किया था।
अब कार में आई कुछ खराबी के कारण कंपनी ने इस सेडान के लिए रिकॉल जारी किया है।
रिपोर्ट्स की मानें तो सबसे पहले मारुति इस कार की 166 यूनिट्स की वापस बुला रही है। कंपनी इनकी जांच करेगी और अगर जरूरत पड़ी तो इस मॉडल के लिए एक बड़ा रिकॉल जारी किया जाएगा।
जानकारी
क्यों वापस बुलाई जा रही यह कार?
रिपोर्ट्स की मानें तो 6 अगस्त 2022 से लेकर 16 अगस्त 2022 तक निर्मित 166 डिजायर टूर-S सेडान के एयरबैग कंट्रोल यूनिट में खराबी पाई गई है। इस वजह से कंपनी इन्हे वापस बुलाकर, मुफ्त में इन्हे बदलेगी।
डिजाइन
कैसा है इस कार का लुक?
डिजाइन की बात करें तो डिजायर काफी हद तक मौजूदा मॉडल के समान ही दिखती है। इसमें LED टेललाइट्स और हेडलाइट्स के साथ आकर्षक डिजाइन दिया गया है।
नए फीचर्स की तौर पर इसमें टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, इंजन स्टार्ट/स्टॉप सिस्टम, मल्टीफ़ंक्शन स्टीयरिंग व्हील और पावर-एडजस्टेबल ORVMs जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं।
बता दें कि वर्तमान में मारुति के पोर्टफोलियो में कुल नौ CNG गाड़ियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
इंजन
पावरट्रेन के बारे में मिली है ये जानकारी
जानकारी के लिए आपको बता दें कि मारुति डिजायर टूर-S सेडान का फ्लीट कैब वेरिएंट पहले से ही फैक्ट्री-फिटेड CNG किट के साथ उपलब्ध है।
वहीं, नया मॉडल 1.2 लीटर के K12M VVT पेट्रोल इंजन और फैक्ट्री फिटेड CNG किट के साथ उपलब्ध है, जो 71bhp की पावर और 95Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
बता दें कि CNG वेरिएंट में यह पेट्रोल और डीजल से भी अधिक 31.12 किलोमीटर प्रति किलोग्राम की माइलेज प्रदान करने में सक्षम है।
फीचर्स
इन फीचर्स से लैस है कार
मारुति सुजुकी डिजायर CNG में बड़ा 5-सीटर केबिन दिया गया है, जिसमें फैब्रिक अपहोल्स्ट्री, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल, पार्किंग सेंसर, की-लेस एंट्री और एक फ्लैट-बॉटम पावर स्टीयरिंग व्हील दिए गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इस कार में दो एयरबैग, EBD के साथ ABS, क्रैश सेंसर, इंजन इम्मोबिलाइजर, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और ब्रेक असिस्ट उपलब्ध जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।
इस कार की शुरूआती कीमत 6.05 लाख रुपये है।
जानकारी
क्या है रिकॉल पॉलिसी?
बीते साल परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन एक्ट (1988) में संशोधन कर वाहन कंपनियों के लिए रिकॉल पॉलिसी को अनिवार्य कर दिया था।
इसके तहत ग्राहक व्हीकल रिकॉल पोर्टल के जरिए वाहनों से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायत कर सकते हैं।
वहीं, गड़बड़ी पाए जाने पर वाहन निर्माता को अनिवार्य रूप से वाहन रिकॉल जारी करना होगा। अगर कोई कंपनी रिकॉल करने से मना करती है तो उस पर 10 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है।