
गाड़ियों में 6 एयरबैग लगाना होगा जरूरी, अक्टूबर में लागू हो सकता है नया नियम
क्या है खबर?
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक नए सुरक्षा नियम की जानकारी दी है, जिसमें आठ सीटर गाड़ियों में कम से कम छह एयरबैग लगाना जरूरी हो जाएगा।
नया नियम इस साल के अक्टूबर महीने से लागू हो सकता है।
गडकरी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट जारी की जिसमें उन्होंने बताया कि पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बयान
एयरबैग्स के बारे में गडकरी ने दी जानकारी
नितिन गडकरी ने बताया कि इस नए नियम के तहत आगे और पीछे दोनों कम्पार्टमेंट में बैठे लोगों के लिए फ्रंटल और लेटरल टक्करों के प्रभाव को कम करने के लिए M1 वाहन श्रेणी में चार अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए कवर करने वाले दो साइड या साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन या ट्यूब एयरबैग को नए यात्री वाहनों में लगाना अनिवार्य किया गया है।
ट्विटर पोस्ट
ट्विटर पर दी जानकारी
In order to enhance the safety of the occupants in motor vehicles carrying upto 8 passengers, I have now approved a Draft GSR Notification to make a minimum of 6 Airbags compulsory. #RoadSafety #SadakSurakshaJeevanRaksha
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) January 14, 2022
खर्च
पड़ सकता है अतिरिक्त खर्च का बोझ
नए नियम के तहत छह एयरबैग्स लगाने पर 5,000 से लेकर 8,000 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आएगा। इससे यात्री वाहनों की कीमत 30,000 से 50,000 रुपये तक बढ़ सकती है।
आपको बता दें कि हाल हो में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दिसंबर महीने में यात्री वाहनों की बिक्री में 13 प्रतिशत की कमी देखी गई।
इस तरह कम बिक्री के साथ कीमतों में बढ़ोतरी अच्छा संकेत नहीं दे रहे हैं।
जानकारी
डुअल एयरबैग्स पहले ही हो चुके हैं अनिवार्य
भारत सरकार ने पैसेंजर कारों के लिए डुअल एयरबैग्स पहले ही अनिवार्य कर दिए थे।
अब भारत में बनने और बिकने वाली कारों में ड्राइवर के साथ-साथ उसकी पास वाली सीट पर एयरबैग लगा होना अनिवार्य है।
पुरानी कारों में यह नियम 31 दिसंबर, 2021 से लागू हो चुका है, जबकि नई कारों के लिए 1 अप्रैल, 2021 से यह नियम लागू हुआ है।
गौरतलब है कि सबसे पहले 1 जुलाई, 2019 यह नियम अनिवार्य किया गया था।
जानकारी
हर साल होती है 23,483 लोगों की मौत
हाल ही में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र में गडकरी ने बताया था कि 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 23,483 पैदल चलने वालों की जान चली गई थी। वहीं, NCRB के आंकड़ों के अनुसार उसी साल सड़क दुर्घटनाओं में 17,538 कार सवारों की मौत हुई।