
निर्यात के लिए फोर्ड ने चेन्नई प्लांट में फिर शुरू किया इकोस्पोर्ट का उत्पादन
क्या है खबर?
भारत में अपने दोनों प्लांट बंद करने की घोषणा के कुछ ही दिन बाद फोर्ड इंडिया ने निर्यात के लिए चेन्नई प्लांट में अपनी इकोस्पोर्ट कॉम्पैक्ट SUV का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।
आपको बता दें कि कंपनी ने लगभग 30,000 यूनिट्स निर्यात करने का वादा किया है जिसे इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक पूरा किया जाना है।
इसलिए नुकसान में होने के बावजूद फोर्ड को अपने निर्माण प्लांट को एक बार फिर से खोलना पड़ा है।
जानकारी
अगले साल तक बंद हो रहे वाहन निर्माण कार्य
फोर्ड इंडिया ने इसी महीने घोषणा की थी कि वह भारत में वाहनों के असेंबलिंग कार्यों को बंद कर रही है।
ऑटोमेकर इस साल की चौथी तिमाही तक साणंद में व्हीकल असेंबलिंग बंद कर देगी और केवल इंजन निर्माण कार्य जारी रहेगा।
वहीं, चेन्नई में व्हीकल असेंबलिंग और इंजन निर्माण दोनों को 2022 की दूसरी तिमाही तक बंद कर दिया जाएगा।
फोर्ड ने यह फैसला लेने से पहले सभी मौजूद विकल्पों पर विचार किया गया था।
निर्माण
किस प्लांट में होगा किसका निर्माण?
साणंद इंजन निर्माण प्लांट एशिया-पेसेफिक, मध्य पूर्व और अफ्रीकी बाजारों में बेचे जाने वाले रेंजर मॉडल के लिए पावरट्रेन का उत्पादन जारी रखेगा। इसके अलावा फिगो और एस्पायर मॉडल भी साणंद में बनाए जाते हैं।
वहीं, चेन्नई प्लांट में इकोस्पोर्ट बनाए जाते हैं, इसलिए यहां से निर्यात बाजारों के लिए इकोस्पोर्ट बनाने का काम जारी रहेगा।
आपको बता दें कि चेन्नई प्लांट ने हाल ही में एंडेवर SUV का उत्पादन बंद भी कर दिया है।
जानकारी
क्या भारत में रहेगी फोर्ड?
फोर्ड केवल निर्यात के लिए भारत में रहकर इंजन का निर्माण करेगी। कंपनी भारत में फोर्ड सर्विस, आफ्टरमार्केट पार्ट्स और वारंटी सपोर्ट के साथ फुल कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशंस मुहैया कराएगी।
फोर्ड भारत में चुनिंदा आउटलेट्स के माध्यम से भी मौजूद होगी जो मस्टैंग कूपे, मस्टैंग इलेक्ट्रिक जैसी कारों की बिक्री करेगी। इन्हें भारत में CBU के रूप में बेचा जाएगा।
वहीं भारत में प्लांट्स बंद होने के कारण इनमें बनने वाले मॉडलों की बिक्री भी बंद कर दी जाएगी।
प्रभाव
करीब 5,300 कर्मचारियों पर पड़ेगा प्रभाव
फोर्ड के भारत में निर्माण बंद करने के फैसले से करीब 5,300 कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। चेन्नई प्लांट में लगभग 2,700 स्थायी कर्मचारी और लगभग 600 कर्मचारी हैं, जबकि, साणंद प्लांट में श्रमिकों की संख्या 2,000 के करीब है।
मौजूदा समय में साणंद के इंजन प्लांट में 500 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं।
फोर्ड के इस फैसले के अलावा शेवरले, UM मोटरसाइकिल और हार्ले-डेविडसन भी यहां अपने निर्माण बंद कर चुके हैं।