
सीरिया: गैस पाइपलाइन में हुआ धमाका, पूरे देश की बिजली गुल
क्या है खबर?
सीरिया की राजधानी दमिश्क के उत्तर पश्चिम में स्थित एड डुमायर और आद्रा कस्बे के बीच से गुजर रही अरब गैस पाइपलाइन में सोमवार तड़के तेज धमाके के साथ आग लग गई। इसके बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई और पूरा देश अंधेरे में डूब गया।
देश के ऊर्जा मंत्री ज़ुहैर खरबतौली ने सोमवार को राज्य द्वारा संचालित टेलीविजन पर इसकी जानकारी दी है।
देश में अब बिजली आपूर्ति सुचारू करने के युद्ध स्तर पर प्रयास चल रहे हैं।
बयान
छठी बार हुआ गैस पाइपलाइन में धमाका
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार समाचार एजेंसी SANA ने विद्युत मंत्री ज़ुहैर खरबतौली के हवाले से लिखा है कि सोमवार तड़के एड डुमायर और आद्रा कस्बे के बीच से गुजर रही अरब गैस पाइपलाइन धमाके के साथ आग की तेज लपटें उठी। देश में छठी बाद पाइपलाइन में धमाका हुआ है।
उन्होंने कहा कि बिजली तकनीशियन आपूर्ति को सुचारू करने में लगे हुए हैं। आने वाले कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा।
अंदेशा
पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्री ने जताई हमले की आशंका
घटना को लेकर पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्री अली घनम ने बताया कि शुरुआती संकेतों से पता चला है कि पाइपलाइन पर हमला किया गया था और यह एक आतंकवादी हमला हो सकता है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण में स्थित ऊर्जा स्टेशनों को इस पाइपलाइन के जरिए ईंधन पहुंचाया जाता है। फिलहाल एक टेक्निकल टीम घटना के कारणों की जांच में जुटी है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी आतंकवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
स्थिति
पिछले नौ सालों में गृहयुद्ध ने बिगाड़ी सीरिया की हालत
सीरिया पिछले नौ सालों से गृह युद्ध से जूझ रहा है और इसमें अब तक चार लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इस युद्ध ने देश के बुनियादी ढांचे के साथ तेल और गैस क्षेत्र को खासा प्रभावित किया है।
गत दिसंबर में भी ड्रोन के जरिए सरकार द्वारा संचालित तीन गैस और तेल पाइपलाइनों पर हमले किए गए थे। इनमें से एक हमले में केंद्रीय शहर होम्स में तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था।
अन्य हमले
तेल पंप करने वाली सुविधाओं को किया नष्ट
सीरिया में गत जनवरी में पानी के नीचे की पाइपलाइनों पर विस्फोट किया गया था। इसमें देश की दो पेट्रोलियम रिफाइनरियों में तेल पंप करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया था।
बता दें कि सीरिया को पिछले साल से ईंधन की कमी का सामना कर रहा है। पश्चिमी क्षेत्रों ने आयात पर रोक लगा दी है। इसके अलावा अधिकांश सीरियाई तेल क्षेत्रों को कुर्द नेतृत्व वाले लड़ाकुओं ने कब्जे में ले लिया है।