
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा अमृतसर हमले में सीधे तौर पर है आतंकियों का हाथ
क्या है खबर?
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को राजासांसी ग्रेनेड हमले के घटनास्थल का दौरा किया।
घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया।
प्रेस कॉफ्रेंस में कैप्टन ने कहा "इस घटना को हम पूरी गंभीरता से ले रहे है। यह साफ तौर पर आतंकवाद का मामला है।"
सीएम ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले है, हमें उम्मीद है कि जल्द की हमालावरों को पकड़ लिया जाएगा।
बयान
सुरक्षा व्यवस्था में नहीं हुई कोई चूक- कैप्टन अमरिंदर सिंह
कॉफ्रेंस के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं हुई है। हम हर राहगीर से सवाल नहीं पूछ सकते। यह साफ तौर पर आतंकी हमला है।
कैप्टन ने इस हमले के पीछे सीमापार के आईएसआई समर्थित खालिस्तानी-कश्मीरी आतंकियों के होेने का अंदेशा भी जाहिर किया।
सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमें जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पंजाब में होने की सूचना मिली थी। हम हाई अलर्ट पर है।
सुरक्षा इंतजाम
हमले में उपयोग की गई मोटरसाइकिल की हुई पहचान
राजासांसी धार्मिक डेरे पर हुए हमले में उपयोग की गई मोटरसाइकिल की पहचान कर ली गई है। इस्तेमाल की गई बाइक बिना नंबर प्लेट वाली काले रंग की पल्सर बताई जा रही है।
हमले के बाद अमृतसर सहित पूरे राज्य में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। पड़ोसी राज्य हरियाणा और राजधानी दिल्ली में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
सीएम ने हमलावरोंं की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50 लाख का इनाम देने की घोषणा भी की है।
ट्विटर पोस्ट
अमृतसर ग्रेनेड हमले के घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे सीएम अमरिंदर सिंह
Visited the grenade attack site in Adliwal near Amritsar today. There are pointers to involvement of cross-border actors. Assure proper investigation into this dastardly attack to bring the culprits to book. pic.twitter.com/8sPV7Q8Rfw
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) November 19, 2018
सहायता
मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख दिए जाने का ऐलान
राज्य सरकार ने इस हमले में मरे तीन लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही घायलों को Rs. 50,000 दिए जाने का ऐलान किया गया है।
हमले की जांच एनआईए ने भी शुरू कर दी है।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही पंजाब में कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा को देखा गया था। जिसके बाद से पंजाब पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है।
वारदात
कैसे हुआ था यह हमला?
18 नवंबर को हुए हमले के बारे में चश्मदीदों ने बताया कि दो युवक एक बाइक से डेरे पर आए। गेट पर तैनात सुरक्षाबलों को गन प्वाइंट पर लेकर वे लोग डेरे के अंदर आए।
उनमें से एक युवक ने तेजी से सत्संग के पास पहुंच कर हैंड ग्रेनेड फेंका।
इसके बाद भाग कर आगे खड़े बाइक सवार साथी हमलावर के साथ भाग निकला।
इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे।