
इंडोनेशिया में जन्मे आपस में कमर से जुड़े बच्चे, 4 हाथ और 3 पैर
क्या है खबर?
इंडोनेशिया से जुड़वा बच्चों के जन्म का एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें बच्चों के 4 हाथ, 3 पैर और एक जननांग हैं।
ऐसे जुड़वा बच्चों को 'स्पाइडर ट्विन्स' के नाम से जाना जाता है, जबकि इन्हें वैज्ञानिक भाषा में 'इस्चिओपैगस ट्राइपस' कहा जाता है और यह 20 लाख घटनाओं में से एक है।
इन जुड़वा बच्चों का जन्म साल 2018 में हुआ था, लेकिन हाल ही में यह मामला अमेरिकन जर्नल ऑफ केस रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुआ है।
मामला
क्या है मामला?
अमेरिकन जर्नल ऑफ केस रिपोर्ट्स में लेखकों ने लिखा है कि मामलों की कमी और उच्च जोखिम के कारण इस्चिओपैगस ट्राइपस के जुड़वा बच्चों को अलग करने की सर्जिकल प्रक्रिया काफी जटिल होती है क्योंकि वे हड्डियों से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
ऐसे बच्चों के ऊपरी धड़ के बजाय शरीर का अधिकांश निचला हिस्सा आपस में जुड़ा होता है और साल 2018 में जन्में बच्चों का भी शरीर का निचला हिस्सा आपस में जुड़ा हुआ है।
कारण
जन्मदोष के कारण पैदा हो सकते हैं ऐसे बच्चे
जुड़वा बच्चों को अलग करने के लिए अब तक कोई सर्जरी नहीं की गई और शायद डॉक्टर इतनी जटिल सर्जरी का प्रयास भी नहीं करेंगे।
मेयो क्लीनिक के अनुसार, इस तरह का जन्म तब होता है, जब जन्मदोष के कारण भ्रूण आंशिक रूप से अलग होकर 2 बच्चों में बदल जाता है, लेकिन एक-दूसरे के शरीर से जुड़ जाते हैं और शिशु भ्रूण में विकसित होते रहते हैं।
जानकारी
जुड़वा बच्चों ने पहले 3 वर्षों में सभी बाधाओं का किया डटकर सामना
लेखकों के मुताबिक, इस तरह के 60 प्रतिशत से अधिक मामलों में जुड़वा बच्चों में से एक की जल्दी मृत्यु हो जाती है या वह मृत ही पैदा होता है।
हालांकि, साल 2018 के जुड़वा बच्चे सभी बाधाओं से सुरक्षित रहे, लेकिन उन्हें अपने पहले 3 वर्षों में सीधा लेटना पड़ा क्योंकि उनके लिए अपनी अनोखी शारीरिक संरचना के कारण बैठने में दिक्कत होती थी।
अब वे बच्चे साथ खड़े होने और बैठने में सक्षम हैं।
अन्य मामला
अलग-अलग साल में जन्मे जुड़वा बच्चे
इसी साल जनवरी में यह मामला सामने आया था कि अमेरिका में रहने वाली ईव नामक एक महिला ने जुड़वा बच्चों को अलग-अलग साल में जन्मा है।
महिला के पहले बच्चे का जन्म 31 दिसंबर को रात 11:48 बजे हुआ था, जिसका वजन उस समय 2.7 किलो और लंबाई 18 इंच थी, वहीं दूसरे बच्चे का जन्म नए साल की रात 12:28 बजे हुआ, जिसका वजन तब 1.8 किलो और लंबाई 17 इंच थी।