
चीन: दिव्यांग युवक ने नाक और ठुड्डी का इस्तेमाल कर लिखीं 1,000 कविताएं
क्या है खबर?
अगर कुछ करने का जुनून हद से बढ़ जाए तो मुश्किलों के बावजूद मेहनत करते-करते मंजिल मिल ही जाती है। यह बात चीन के एक युवक ने सच साबित की है।
आज हम जिस युवक के बारे में बताने वाले है वह दिव्यांग है। वह न तो खड़ा हो सकता है, न अपने हाथों का इस्तेमाल कर सकता और न ही बोल पाता है।
हालांकि, इन सब के बावजूद उसने अपनी नाक और ठुड्डी से लगभग 1,000 कविताएं लिखी हैं।
मामला
क्या है मामला?
यह मामला चीन के शेडोंग प्रांत के एक गांव के 34 वर्षीय झांग जिउबिन नामक युवक का है। वह अपने जन्म से ही सेरेब्रल पाल्सी नामक विकार से जूझ रहे हैं।
इस विकार के कारण वह न खड़े हो सकते हैं, न अपने हाथों का इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही बोल पाते हैं।
हालांकि, इतनी दिक्कतों के बावजूद उन्होंने पढ़ना या सीखना बंद नहीं किया और लगातार पढ़ने-लिखने के काम में लगे रहे।
जानकारी
झांग ने कविताओं के प्रकाशन से कमाए हजारों रुपये
झांग ने अपने विकार को सपने देखने या उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने में कभी भी बाधा नहीं बनने दिया।
उन्होंने अपनी नाक और ठुड्डी का इस्तेमाल करके शब्दकोशों और किताबों के पन्ने पलटना और कंप्यूटर और स्मार्टफोन पर टाइपिंग करना सीखा।
ये सब सीखने के बाद उन्होंने पिछले 9 सालों में लगभग 1,000 कविताएं लिखी हैं।
इसके साथ ही उन्होंने अपनी कविताएं प्रकाशित करके लगभग 60,000 रुपये भी कमाए हैं।
बयान
बेटे पर गर्व महसूस करते हैं झांग के पिता
झांग के पिता 67 वर्षीय झांग योंगगुई अपने बेटे पर बहुत गर्व महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने 13 साल की उम्र में पढ़ना शुरू कर दिया था। इसके लिए उसने अपनी नाक और ठुड्डी का इस्तेमाल किया। उसके पास एक विशेष रूप से बनी व्हीलचेयर और उसके साथ एक मेज भी है। मैं उसे वैसे ही बाहर ले जाता हूं और उसे फोन दे देता हूं। इसके बाद वह पढ़ने और लिखने पर ध्यान लगाता है।"
जानकारी
बेटे ने कविताओं के जरिये पिता के प्रति जाहिर किया अपना प्यार
झांग ने आगे बताया, "उनके बेटे ने कभी भी स्पष्ट रूप से उन्हें 'डैड' नहीं कहा, लेकिन उसने अपनी कविताओं के जरिये कहा है। उसने कविता में लिखा, 'मेरे जीवन का सबसे लंबा कथन यह बताना है कि मैं आपसे प्यार करता हूं, पिता।'
प्रतिक्रिया
लोगों के दिल को छू रही पिता और बेटे की यह कहानी
यह मामला चीनी मीडिया पर वायरल हो रहा है। यूजर्स झांग के मजबूत इरादों और पिता के साथ उनके लगाव को खूब पसंद कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा, 'साहित्य वाकई लोगों को शक्ति देता है। यह कहानी इसका सटीक उदाहरण है।'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'वह शारीरिक रूप से अक्षम है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से मजबूत है। मेरे मन में उसके लिए बहुत सम्मान है।'
एक अन्य यूजर ने लिखा, 'पिता का दिल बहुत अच्छा है।'