
बरिस्ता कैफे को भारी पड़ा पेपर कप के लिए 5 रुपये वसूलना, लगा 22,000 का जुर्माना
क्या है खबर?
चंडीगढ़ स्थित बरिस्ता कैफे को पेपर कप के लिए पांच रुपये चार्ज करना भारी पड़ गया है।
ऐसा करने पर दो ग्रहाकों ने कैफे के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज करा दी।
इन दोनों शिकायतों पर फैसला सुनाते हुए आयोग ने बरिस्ता कैफे को प्रत्येक शिकायतकर्ताओं को 1,000 रुपये का भुगतान करने और गरीब रोगी कल्याण कोष में 10,000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया है, यानि उसे कुल 22,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
पृष्ठभूमि
2021 का है मामला
मोहाली के रहने वाले शबदप्रीत सिंह 9 जनवरी, 2021 को सेक्टर 35 में स्थित बरिस्ता कैफे में गए थे और वहां एक हॉट चॉकलेट ड्रिंक का ऑर्डर दिया था। इसके लिए उन्हें 200 रुपये का बिल मिला।
शबदप्रीत को ड्रिंक तो ठीक लगी, लेकिन जब उन्होंने बिल देखा तो वह थोड़ा हैरान रह गए।
उन्होंने बिल में देखा कि बरिस्ता कैफे ने पेपर कप के लिए उनसे पांच रुपये चार्ज लिया है।
शिकायत
कैफे के शिकायत पर ध्यान न देने पर उपभोक्ता फोरम में पहुंचा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शबदप्रीत ने बिल देखकर सबसे पहले कैफे वालों से सवाल किया और कैफे के कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
इस वजह से उन्होंने इस मामले को उपभोक्ता फोरम में ले जाने का फैसला लिया।
परमिंदरजीत सिंह नामक दूसरे शिकायतकर्ता को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में बरिस्ता कैफे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
कार्रवाई
आयोग ने बरिस्ता कैफे पर लगाया जुर्माना
इसके बाद 10 अगस्त, 2022 को बरिस्ता कॉफी कंपनी की तरफ से मामले में जो दलीलें दी गई थीं, आयोग ने उन्हें खारिज कर दिया।
अब मामले में फैसला सुनाते हुए आयोग ने कैफे कंपनी और चंडीगढ़ के सेक्टर 35 में स्थित बरिस्ता कैफे स्टोर पर कुल 22,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
आयोग ने कैफे को प्रत्येक शिकायतकर्ताओं को 1,000 रुपये देने और चंडीगढ़ के PGIMER के गरीब रोगी कोष में 10,000 रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
अन्य मामला
IRCTC के ठेकेदार पर भी लगा चुका है 1 लाख रुपये का जुर्माना
पिछले हफ्ते भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) के एक ठेकेदार पर भी इसी तरह का जुर्माना लगा था।
एक यात्री ने ठेकेदार के खिलाफ पानी की बोतल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MRP) से पांच रुपये ज्यादा वसूलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसका वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया था, जिसके बाद ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हुई और उसे एक लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ा।