
खाने के लिए मंगाया था पनीर, भेज दिया चिकन, जोमेटो पर लगा हजारों का जुर्माना
क्या है खबर?
ऑनलाइन बिजनेस करने वाली कंपनियों पर अकसर गलत डिलीवरी के आरोप लगते रहते हैं।
ऐसा ही एक मामला पुणे में सामने आया जहां एक वकील को गलत खाना डिलीवर करने के कारण फूड डिलीवरी कंपनी जोमेटो पर भारी जुर्माना लगा है।
दरअसल, वकील ने खाने के लिए पनीर बटर मसाला ऑर्डर किया था, लेकिन कंपनी ने उन्हें पनीर की जगह बटर चिकन भेज दिया।
आइये, जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है।
मामला
पनीर की जगह भेजा चिकन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे की उपभोक्ता अदालत ने जोमेटो और एक होटल पर शाकाहारी खाने की जगह मांसाहारी खाना डिलीवर करने के लिए 55,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
कंपनी को 45 दिन के भीतर यह राशि शन्मुख देशमुख नामक वकील को देनी होगी, जिन्हें गलत खाना डिलीवर किया गया था। देशमुख ने पनीर बटर मसाला ऑर्डर किया, लेकिन इसकी जगह उन्हें बटर चिकन भेज दिया।
ऐसा एक बार नहीं बल्कि दो बार हुआ था।
कंपनी का पक्ष
जोमेटो ने बताई होटल की गलती
देशमुख ने बताया कि दोनों डिश की करी एक जैसी दिखती है इसलिए उन्होंने चिकन को पनीर समझकर खा लिया।
वहीं जोमेटा ने कहा कि वकील ने कंपनी की छवि खराब करने के लिए शिकायत की है क्योंकि उन्हें खाने के पैसे लौटा दिए गए थे।
जोमेटा ने कहा कि यह होटल की गलती थी, जिसने उन्हें गलत खाना डिलीवर करने को दिया। वहीं होटल ने इस मामले में अपनी गलती मान ली है।
जानकारी
कोर्ट ने जोमेटो और होटल दोनों को माना जिम्मेदार
इस पर कोर्ट ने खाने बनाने वाले होटल और जोमेटो, दोनों को बराबर का जिम्मेदार माना। कोर्ट ने होटल और जोमेटो को सेवा में लापरवाही के बदले 50,000 और शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी के बदले 5,000 रुपये देने का आदेश दिया है।
शिकायत
क्या करें जब गलत खाना डिलीवर हो जाए?
अगर आप किसी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से खाना ऑर्डर करते हैं और आपको गलत खाना ऑर्डर होता है तो आप कंपनी की ऐप-वेबसाइट पर जाकर या उपभोक्ता अदालत में इसकी शिकायत कर सकते हैं।
वहीं अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खा रहे हैं और आपका खाना खराब निकल जाता है तब भी आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।
सरकार ने इसे लेकर विशेष व्यवस्था बनाई है।
शिकायत
यहां करे खराब खाने की शिकायत
स्वास्थ्य मंत्रालय के ट्वीट के मुताबिक, अगर आपको होटल या रेस्टोरेंट में परोसे गए खाने में कोई दिक्कत नजर आती है, तो आप खाने का सैंपल लेकर नजदीकी फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की लैब में जाकर टेस्ट करवा सकते हैं।
अगर खाने में गड़बड़ी मिलती है तो शिकायतकर्ता ने टेस्ट करने पर जो पैसे खर्च किए हैं, वे उसे वापस लौटा दिए जाएंगे।
साथ ही टेस्ट के नतीजों के आधार पर होटल या रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की जाएगी।
ट्विटर पोस्ट
खाने के सैंपल के आधार पर होगी कार्रवाई
Consumers can take a sample of the food get it tested at @fssaiindia labs. If the food sample is found to be unsafe, the cost of the testing is reimbursed to the consumer. The #FSSAI officer retains a sample of the adulterated food for enforcement purposes. #SwasthaBharat
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) December 10, 2017