
अमेरिका: प्रोफेसर ने सबसे लंबे समय तक समुद्र में रहने का बनाया रिकॉर्ड, बिताए 74 दिन
क्या है खबर?
समुद्र के अंदर रहकर शोध करने वाले अमेरिका के प्रोफेसर ने सबसे लंबे समय तक पानी के अंदर रहने का नया रिकॉर्ड बनाया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौसेना के पूर्व गोताखोर और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के 55 वर्षीय प्रोफेसर जोसेफ डिटुरी ने 1 मार्च से पानी के अंदर कुल 74 दिन बिताये हैं। ऐसा कर उन्होंने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि, उनका लक्ष्य कुल 100 दिन बिताने का था।
आइए जानते हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड क्यों बनाया।
मामला
पानी के अंदर कैसे रहते थे प्रोफेसर?
प्रोफेसर डिटुरी 1 मार्च से फ्लोरिडा कीज की सतह से 30 फीट नीचे 55 वर्ग मीटर की जगह में रह रहे थे।
उस दौरान वह माइक्रोवेव में पकाये गये प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करते थे और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करते थे और 1 घंटे की झपकी भी लेते थे।
बता दें कि इससे पहले 2014 में इसी स्थान पर दो प्रोफेसरों ने 73 दिन, 2 घंटे और 34 मिनट का रिकॉर्ड बनाया था।
पोस्ट
पानी के अंदर 100 दिन बिताने का था लक्ष्य
प्रोफेसर डिटुरी का लक्ष्य पानी के अंदर 100 दिन बिताने का था, लेकिन वह 74 दिन बिताकर भी नया रिकॉर्ड बनाने में सफल हुए हैं।
उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा, 'आज मैंने पानी के अंदर रहने का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है। खोज की जिज्ञासा ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। पहले दिन से ही मेरा लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना है और वैज्ञानिकों का साक्षात्कार करना है, जो जीवन का अध्ययन करते हैं।'
उद्देश्य
पानी के अंदर रहने का क्या था प्रोफेसर का उद्देश्य?
प्रोफेसर डिटुरी पानी के अंदर रहकर यह देख रहे थे कि मानव शरीर अत्यधिक दबाव पर किस तरीके की प्रतिक्रिया देता है।
डिटुरी समुद्र की सतह के नीचे जाकर और यहां समय बिताकर यह जांच रहे थे कि इस उच्च दबाव वाले वातावरण में रहने से उनके शरीर और स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा।
उनका यह प्रयास पनडुब्बी पर समय बिताने से काफी अलग था और उन्हें अधिक दबाव का सामना करना पड़ा।
बयान
पानी के अंदर रहते हुए प्रोफेसर ने किसे सबसे ज्यादा किया याद?
प्रोफेसर डिटुरी ने पानी से बाहर आकर बताया कि उन्होंने सबसे ज्यादा सूरज को याद किया था।
उन्होंने कहा, "सूरज मेरे जीवन का एक अहम हिस्सा रहा है। मैं आमतौर पर 5 बजे जिम जाता हूं और फिर बाहर आकर सूर्योदय देखता हूं। इसलिए पानी से रहते हुए मैंने सबसे ज्यादा सूरज की रोशनी को याद किया। हालांकि, मेरे लिए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना और उन्हें सशक्त बनाना जरूरी है क्योंकि वहीं बच्चे आगे चलकर ग्रह को बचाएंगे।"