
पैरालंपिक: टेबल टेनिस में भाविना पटेल ने फाइनल में किया प्रवेश, स्वर्ण से एक जीत दूर
क्या है खबर?
भारत की महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में इतिहास रच दिया है।
भाविना ने एकल स्पर्धा क्लास 4 वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की मियाओ झांग पर 3-2 (7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8) से जीत दर्ज की और पैरालंपिक में टेबल टेनिस स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय बनीं है।
वह रविवार (29 अगस्त) को फाइनल मुकाबले में दुनिया की नंबर एक चीनी पैडलर यिंग झोउ से भिड़ेंगी।
लेखा-जोखा
पटेल ने ऐसे जीता मैच
सेमीफाइनल मुकाबले में पटेल अपने पहले गेम में झांग के खिलाफ 7-11 से हार गई। वहीं उन्होंने अगले दो गेम जीतकर अच्छी वापसी की।
लेकिन, विश्व की नंबर तीन झांग ने पलटवार करते हुए अगला गेम 9-11 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक गेम तक धकेला। हालांकि, आखिरी गेम को पटेल ने जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया। यह कड़ा मुकाबला 34 मिनट तक चला।
ट्विटर पोस्ट
SAI का ट्वीट
Our champ @BhavinaPatel6 makes it to the final and we could not be happier!!
— SAI Media (@Media_SAI) August 28, 2021
Bhavina will take on #CHN Ying Zhou in the Gold medal match tomorrow, 29 August at 7:15 AM (IST)
Stay tuned continue to cheer her on with #Cheer4India messages#Praise4Para #Paralympics pic.twitter.com/6nzYRQUiSX
क्वार्टरफाइनल
पटेल ने क्वार्टरफाइनल में विश्व नंबर दो खिलाड़ी को हराया
शुक्रवार को क्वार्टरफाइनल में पटेल ने 2016 रियो पैरालिंपिक के स्वर्ण विजेता और सर्बिया के दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी बोरिसलावा पेरीक रैंकोविक को 11-5, 11-6, 11-7, 11-7 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। वह पैरालंपिक खेलों में टेबल टेनिस में पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय बन गई थी।
इससे पहले प्रीक्वार्टर फाइनल में पटेल ने ब्राजील की जॉयस डि ओलिवियरा को 12-10, 13-11, 11- 6 से हराया था।
जानकारी
अपना शुरुआती ग्रुप मैच हार गई थी पटेल
पटेल को ग्रुप ए के अपने शुरुआती मैच में चीन की झोउ यिंग से हार का सामना करना पड़ा था। यिंग ने वो मैच सिर्फ 18 मिनट में 3-0 (11-3, 11-9, 11-2) जीत लिया। फाइनल में भी उनका मुकाबला यिंग से ही होना है।
बयान
मैं फाइनल के लिए तैयार हूं- पटेल
फाइनल मुकाबले से पहले पटेल ने कहा, "जब मैं यहां आई तो मैंने बस यही सोचा था कि बिना कुछ सोचे-समझे अपना 100 फीसदी दे दूँगी। यदि आप अपना शत-प्रतिशत देते हैं, तो पदक आ जाएगा, मैंने यही सोचा था। अगर मैं इस विश्वास के साथ खेल जारी रख सकी तो मुझे लगता है कि मैं कल स्वर्ण जीतूंगी। मैं फाइनल के लिए तैयार हूं और मुझे फाइनल में भी अपना शत-प्रतिशत देना होगा।"