
मोहम्मद आमिर का टी-20 क्रिकेट में कैसा रहा है प्रदर्शन? जानिए उनके आंकड़े
क्या है खबर?
तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने रविवार (24 मार्च) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का ऐलान किया है।
इस साल टी-20 विश्व कप खेला जाना है, जिसमें उन्होंने खेलने की इच्छा जताई है। उन्होंने जानकारी दी है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ उन्होंने इस बारे में बात भी की है।
बता दें कि आमिर ने दिसंबर, 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी।
आइए उनके टी-20 करियर के आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।
आंकड़े
ऐसा रहा है टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर
आमिर ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ अगस्त 2020 में अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच खेला था।
उन्होंने अब तक 50 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसमें 21.40 की औसत और 7.02 की इकॉनमी रेट के साथ 59 विकेट चटकाए हैं। इस बीच वह कोई 5 विकेट हॉल नहीं ले सके हैं।
उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन देते हुए 4 विकेट लेना रहा है।
उन्होंने 2009 में अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था।
विश्व कप
टी-20 विश्व कप जीत चुके हैं आमिर
पाकिस्तान ने 2009 में खेले गए टी-20 विश्व कप को जीता था। आमिर भी उस विश्व विजेता टीम का हिस्सा थे।
उन्होंने उस संस्करण में 7 मैचों में 29.17 की औसत और 7.29 की इकॉनमी रेट से 6 विकेट लिए थे।
इसके बाद 2010 के संस्करण में 19.00 की औसत के साथ 8 विकेट चटकाए थे।
उन्होंने 2016 के टी-20 विश्व कप के 4 मैचों में 3 विकेट अपने नाम किए थे।
आंकड़े
टी-20 क्रिकेट में 300 से ज्यादा विकेट ले चुके हैं आमिर
आमिर का टी-20 क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। उन्होंने अपने टी-20 करियर में 277 मैच खेले हैं, जिसमें 22.01 की औसत और 7.18 की इकॉनमी रेट से 325 विकेट लिए हैं।
इस बीच वह 2 मैचों में 5 विकेट हॉल ले चुके हैं। इस प्रारूप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन देते हुए 6 विकेट लेना रहा है।
उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2024 में 28.6 की औसत के साथ 10 विकेट लिए थे।
न्युजबाइट्स प्लस
स्पॉट फिक्सिंग के चलते प्रतिबंध झेल चुके हैं आमिर
आमिर पर साल 2010 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप साबित हुए थे जिसके बाद उन पर 5 साल का बैन लगा था। बैन पूरा करने के बाद उन्होंने साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी।
उन्होंने 27 साल की उम्र में साल, 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को हैरान कर दिया था।
आलोचकों ने उन पर दुनियाभर में टी-20 लीग्स खेलने को अधिक महत्व देने के लिए यह कदम उठाने का भी आरोप लगाया था।