
श्रीलंका ने 18 खिलाड़ियों को दिया पांच महीने का कॉन्ट्रैक्ट, एंजेलो मैथ्यूज को नहीं मिली जगह
क्या है खबर?
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने अपने 18 खिलाड़ियों को पांच महीने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। 01 अगस्त से शुरु हुआ यह कॉन्ट्रैक्ट 31 दिसंबर, 2021 तक मान्य रहेगा। खिलाड़ियों का चुनाव चार कैटेगिरी में किया गया है।
देश के दिग्गज ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज को इस कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं मिली है। आपको बता दें कि मैथ्यूज फिलहाल ब्रेक पर हैं और वह टीम में चुने जाने के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
कॉन्ट्रैक्ट
इन 18 खिलाड़ियों को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट
धनंजय डिसिल्वा, कुशल परेरा, दिमुथ करुणारत्ने, सुरंगा लकमल, दसुन शनाका, वनिंदु हसरंगा, लसिथ एंबुलदेनिया, पथुम निशंका, लहिरु थिरिमाने, दुश्मांता चमीरा, दिनेश चंदीमल, लक्षण संदकन, विश्वा फर्नांडो, ओशादा फर्नांडो, रमेश मेंडिस, लहिरु कुमारा, अशेन बंडारा और अकिला धनंजय।
SLC ने साफ किया है कि खिलाड़ियों को पहले जो कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था वही कॉन्ट्रैक्ट इस बार भी उन्हें मिला है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
भारत
भारत के खिलाफ सीरीज में नहीं खेले थे मैथ्यूज
जुलाई में श्रीलंका और भारत के बीच तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली गई थी जिसमें मैथ्यूज ने हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने निजी कारणों से सीरीज से हटने का फैसला लिया था। उस समय रिपोर्ट्स आई थी कि मैथ्यूज क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं।
नए ग्रेडिंग सिस्टम से नाखुश मैथ्यूज ने टूर कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से मना किया था और फिर अचानक सीरीज से भी हट गए थे।
करियर
ऐसा रहा है मैथ्यूज का अंतरराष्ट्रीय करियर
एंजेलो मैथ्यूज ने अब तक 218 वनडे में लगभग 42 की औसत से 5,835 रन बनाए हैं। जबकि गेंदबाजी में 120 विकेट लिए हैं। वहीं 90 टेस्ट में मैथ्यूज ने 45 की औसत से 6,236 रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने 11 शतक और 36 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 33 विकेट लिए हैं।
इसके अलावा मैथ्यूज ने 78 टी-20 मैचों में 1,148 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में 38 विकेट लिए हैं।
सीरीज
बिना कॉन्ट्रैक्ट के ही टीम ने खेले दो सीरीज
श्रीलंका ने नए कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है और खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर पेमेंट देने का निर्णय लिया है। अधिकतर सीनियर खिलाड़ियों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से मना कर दिया था।
टीम बिना कॉन्ट्रैक्ट के ही इंग्लैंड के दौरे पर चली गई थी। भारत के खिलाफ सीरीज से पहले भी कॉन्ट्रैक्ट विवाद का कोई हल नहीं निकल सका था।