
200 करोड़ बार डाउनलोड हुई टिक-टॉक, भारतीय यूजर्स सबसे आगे
क्या है खबर?
शॉर्ट-वीडियो मेकिंग ऐप टिक-टॉक को दुनियाभर में 200 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है।
खास बात यह है कि टिक-टॉक ऐप डाउनलोड करने में भारतीय यूजर्स सबसे आगे हैं। भारत में इसे 61.1 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है। यह गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से ऐप के कुल डाउनलोड का 30.3 प्रतिशत है।
इस संख्या ने फेसबुक और उसकी ऐप के लिए कड़ी चुनौती पेश कर दी है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
टिक-टॉक ऐप
डाउनलोड के मामले में चीन दूसरे नंबर पर
भारत के बाद टिक-टॉक को डाउनलोड करने में चीन दूसरे नंबर पर है। यहां पर 19.6 करोड़ बार (9.1 प्रतिशत) इसे डाउनलोड किया गया है।
बता दें कि चीन में इस ऐप को Douyin नाम से जाना जाता है। इसमें थर्ड पार्टी से किए गए डाउनलोड शामिल नहीं हैं।
टिक-टॉक को डाउनलोड करने में अमेरिका तीसरे नंबर पर है। यहां अब तक इसे 16.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है, जो कुल डाउनलोड का 8.2 प्रतिशत है।
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एंड्रॉयड डिवाइस पर तीन चौथाई डाउनलोड
अगर कुल डाउनलोड को देखें तो सर्वाधिक डाउनलोड एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स पर हुए हैं।
सेंसर टॉवर की रिपोर्ट के मुताबिक, टिक-टॉक को 150 करोड़ बार (75.5 प्रतिशत) गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया गया है। इसकी तुलना में ऐप स्टोर से डाउनलोड काफी कम है।
ऐप स्टोर से 49.5 करोड़ बार यह ऐप डाउनलोड की गई है, जो कुल डाउनलोड का 24.5 प्रतिशत हिस्सा है। यानी टिक-टॉक इस्तेमाल करने में एंड्रॉयड यूजर्स ऐपल यूजर्स से तीन गुना ज्यादा है।
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पांच महीनों में 50 करोड़ बार डाउनलोड हुई ऐप
पिछले महज पांच महीनों में 50 करोड़ नए लोगों ने टिक-टॉक डाउनलोड की है। पांच महीने पहले इसके कुल डाउनलोड 150 करोड़ से पार हुुए थे।
इस साल की पहली तिमाही में गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से टिक-टॉक को 31.5 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है। यह एक नया रिकॉर्ड है।
इससे पहले किसी तिमाही में किसी भी मोबाइल ऐप को इतनी बड़ी संख्या में डाउनलोड नहीं किया गया था।
टिक-टॉक
लॉकडाउन के कारण बढ़े डाउनलोड
रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर अब तक लगभग 3,429 करोड़ रुपये टिक-टॉक में खर्च कर चुके हैं।
150 करोड़ डाउनलोड होने तक यह रकम लगभग 1,315 करोड़ रुपये थी। यानी पिछले पांच महीनों में 50 करोड़ यूजर्स बढ़ने के साथ-साथ ऐप में किया जाने वाला खर्च लगभग 2.5 गुना बढ़ा है।
टिक-टॉक के डाउनलोड में आए इस उछाल की एक बड़ी वजह दुनिया के कई देशों में जारी लॉकडाउन को भी माना जा रहा है।