
मैपिंग के क्षेत्र में गूगल-ऐपल को टक्कर देगी माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेजन; क्या है उद्देश्य?
क्या है खबर?
मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और मैपिंग कंपनी टॉमटॉम ने मिलकर बीते वर्ष ओवरचर मैप्स फाउंडेशन नाम का एक समूह बनाया था।
अब इस समूह ने अपना पहला ओपन मैप डाटासेट जारी किया है, जिससे डेवलपर्स गूगल मैप और ऐपल मैप की तरह अपना मैप बना सकते हैं।
इससे मैपिंग/नेविगेशन क्षेत्र की दिग्गज गूगल और ऐपल के एकाधिकार को चुनौती मिल सकती है।
जान लेते हैं डाटासेट का उद्देश्य क्या है और गूगल-ऐपल इससे कैसे प्रभावित हो सकती हैं।
समूह
डाटासेट में दी गई 5.9 करोड़ प्वाइंट्स की जानकारी
समूह द्वारा जारी किए गए डाटा में रेस्टोरेंट और लैंडमार्क के साथ ही परिवहन नेटवर्क, सड़कों और क्षेत्रीय सीमाओं सहित 5.9 करोड़ प्वाइंट्स की जानकारी दी गई है।
यह डाटा मेटा और माइक्रोसॉफ्ट द्वारा इकट्ठा किया गया था और उन्होंने समूह को अपना डाटा दान किया है।
बीते वर्ष समूह की घोषणा के वक्त कंपनियों ने कहा था कि समय के साथ डाटा का विस्तार होगा और इसमें अधिक स्थान, रूट और नेविगेशन सहित 3D बिल्डिंग डाटा शामिल होंगे।
उद्देश्य
ये है उद्देश्य
ओवरचर मैप फाउंडेशन का उद्देश्य डेवलपर्स के लिए ऐप बनाने को आसान और सस्ता करना है।
दरअसल, गूगल और ऐपल डेवलपर्स को अपने मैप के डाटा का एक्सेस नहीं देती हैं। ये अपने मैप को एक सर्विस के रूप में पेश करती हैं और एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के जरिए डाटा का एक्सेस देने के लिए ऐप डेवलपर्स से फीस लेती हैं।
ऐसे में डेवलपर्स ओवरचर के डाटा के जरिए मैप आधारित डिलीवरी, कैब सर्विस जैसी ऐप बना सकते हैं।
बयान
बदलावों के साथ डाटा को बनाए रखना है चुनौती
ओवरचर मैप्स फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मार्क प्रीओल्यू ने एक बयान में डाटा रिलीज पर कहा कि यह बाजार-ग्रेज ओपन मैप डाटासेट स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इसमें दुनिया में कहीं भी स्थित बड़े और छोटे बिजनेस से लेकर फुटपाथ की दुकानों तक सबकुछ मैप करने की क्षमता है।
मार्क के मुताबिक, प्रारंभिक डाटा केवल शुरुआत है। मौजूदा चुनौती बदलावों के साथ डाटा को बनाए रखना है।
उपयोग
मैप के इस्तेमाल से ये सुविधाएं हुई आसान
मैप और लोकेशन डाटा सेल्फ ड्राइविंग कारों से लेकर लॉजिस्टिक्स, बड़े डाटा विजुअलाइजेशन टूल और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइसों तक को पावर देता है।
आपको बता दें कि जोमैटो, स्विगी, अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी होल डिलीवरी सर्विस से जुड़ी ऐप्स के साथ ही ओला और उबर जैसी कैब सर्विस देने वाली ऐप्स में मैप का इस्तेमाल होता है।
इन ऐप्स में मैप के इंटीग्रेशन से ही निश्चित लोकेशन पर पहुंचना आसान हुआ है।