
OpenAI समेत अन्य कंपनियां चुनाव संबंधी AI डीपफेक रोकने पर हुईं सहमत, समझौते पर किया हस्ताक्षर
क्या है खबर?
इस साल 40 से अधिक देशों में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार डीपफेक कंटेट को रोकने में मदद करने के लिए 20 तकनीकी कंपनियों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों में एडोब, अमेजन, एंथ्रोपिक, आर्म, इलेवनलैब्स, गूगल, IBM, इन्फ्लेक्शन AI, लिंक्डइन, मैकएफी, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, नोटा, OpenAI, स्नैप इंक., स्टेबिलिटी AI, टिकटॉक, ट्रेंड माइक्रो, ट्रूपिक और एक्स के नाम शामिल हैं।
समझौता
ऐसे कंटेंट पर लागू होगा समझौता
यह समझौता AI-जनरेटेड ऑडियो, वीडियो और तस्वीरों पर लागू होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत ऐसे कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो लोकतांत्रिक चुनाव में राजनीतिक उम्मीदवारों, चुनाव अधिकारियों और चुनाव से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों की उपस्थिति, आवाज या कार्यों को नकली या भ्रामक रूप से प्रदर्शित करते हैं।
इसके साथ ही ऐसे कंटेंट पर भी कार्रवाई होगी, जो मतदाताओं को गलत जानकारी प्रदान करे कि वे कब, कहां और कैसे मतदान कर सकते हैं।
फैसला
कंपनियों का का क्या है कहना?
समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों का कहना है कि वे डीपफेक के ऑनलाइन वितरण का पता लगाने और उसका समाधान करने के लिए टूल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगी। इसके अलावा, वे शैक्षिक अभियान चलाने और यूजर्स को पारदर्शिता प्रदान करने की योजना बना रही हैं।
ChatGPT बनाने वाली OpenAI ने पिछले महीने ही कहा था कि वह दुनियाभर में चुनाव संबंधी गलत सूचनाओं को हटाने की योजना बना रही है।