
AAP की कांग्रेस को धमकी, अध्यादेश पर समर्थन नहीं किया तो विपक्षी बैठक का बहिष्कार करेंगे- रिपोर्ट
क्या है खबर?
आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को पटना में होने जा रही विपक्षी पार्टियों की बैठक से पहले कांग्रेस को धमकी दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP ने कहा कि अगर कांग्रेस दिल्ली पर केंद्र सरकार के अध्यादेश के मुद्दे पर उसका समर्थन नहीं करती तो वह विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं होगी।
दरअसल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों से समर्थन मांग रहे हैं।
रिपोर्ट
AAP ने क्या कहा?
NDTV से AAP के सूत्रों ने कहा, "कांग्रेस को दिल्ली पर केंद्र सरकार के अध्यादेश के मुद्दे पर हमारा समर्थन करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करती है तो हम विपक्ष की बैठक का बहिष्कार करेंगे और भविष्य में भी विपक्षी पार्टियों की बैठकों से दूर रहेंगे।"
इससे पहले केजरीवाल ने विपक्षी पार्टियों को पत्र लिखकर पटना में होने वाली बैठक की शुरुआत में केंद्र के इस अध्यादेश के खिलाफ चर्चा करने की मांग की थी।
कांग्रेस
AAP की धमकी पर कांग्रेस ने क्या कहा?
AAP की इस धमकी पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कटाक्ष किया है।
दीक्षित ने कहा, "अगर वह (केजरीवाल) विपक्ष पार्टियों की बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो कोई भी उन्हें याद नहीं करेगा। हम पहले से जानते थे कि वो विपक्ष की एकता तोड़ने और इस बैठक में न जाने का बहाना ढूंढ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यह बैठक देश की चिंता करने वाले लोगों के लिए है। उन लोगों के लिए नहीं है, जो सौदेबाजी करते हैं।"
कांग्रेस
कांग्रेस हाईकमान ने नेताओं से की थी रायशुमारी
इससे पहले भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कांग्रेस से अध्यादेश के खिलाफ समर्थन की मांग की थी। मामले में रायशुमारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली और पंजाब के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी।
दोनों राज्यों के कांग्रेस नेताओं ने पार्टी हाईकमान को AAP का समर्थन न करने का सुझाव दिया था। कांग्रेस नेताओं का मानना था कि दिल्ली और पंजाब सहित कई राज्यों में AAP ने कांग्रेस के हितों को नुकसान पहुंचाया है।
समर्थन
समर्थन जुटाने के लिए कई नेताओं से मिल चुके हैं केजरीवाल
AAP नेता केजरीवाल को केंद्र अध्यादेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल चुके हैं।
उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) महासचिव डी राजा समेत कई नेताओं से मुलाकात की है।
इस दौरान सभी नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह अध्यादेश के खिलाफ उनका समर्थन करेंगे।
मामला
क्या है अध्यादेश का मामला?
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने 11 मई को अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिए थे। इसके बाद मामले में केंद्र ने 19 मई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश जारी किया था।
इसके तहत दिल्ली में नौकरशाहों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए दिल्ली सरकार को मिले अधिकार को पलट दिया गया और एक बार फिर इस मामले में अंतिम फैसले का अधिकार उपराज्यपाल को दे दिया गया।