
भारत के सबसे खूबसूरत रेल मार्ग, जहां के नजारे आपका मनमोह लेगें
क्या है खबर?
ज्यादातर लोगों को रेल से यात्रा करना पसंद है, क्योंकि यह फ्लाइट और कार से अधिक सुविधाजनक होती है।
यही नहीं, रेल के कई मार्ग ऐसे हैं, जिनके मनमोहक दृश्य आपके मन को सूकुन देने समेत मूड को भी खुशनूमा कर सकते हैं।
आइए आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे ही रेल मार्ग के बारे में बताते हैं, जिनके बदलते दृश्यों में आपको राजसी पहाड़ से लेकर हरे-भरे मैदान और शांत नदियां देखने को मिल सकती हैं।
#1
कालका से शिमला का रेल रूट
UNESCO की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल कालका से लेकर शिमला तक जाने वाली टॉय ट्रेन भारत की मशहूर टॉय ट्रेनों में से एक है।
इस टॉय ट्रेन में सफर करने पर आपको हरी-भरी पहाड़ियों समेत बेहद ही सुंदर मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं।
96 किलोमीटर का कालका-शिमला रेल मार्ग बेहद पतला है और इसमें 103 सुरंग समेत 850 से अधिक पुल हैं।
यकिन मानिए कालका-शिमला टॉय ट्रेन में की यात्रा आपको एक खूबसूरत अनुभव प्रदान करेगी।
#2
जैसलमेर से जोधपुर वाला रेल मार्ग
जैसलमेर से जोधपुर सबसे खूबसूरत रेल मार्गों में से एक है, जो आपको एक ही समय में उत्साही और डरावनी रेल यात्रा का अनुभव करवा सकता है।
इस रेल मार्ग पर आपको मीलों दूर तक कोई वनस्पति नहीं दिखेगी बल्कि चारों ओर चरते हुए ऊंट दिखाई देगें।
बेहतर होगा कि आप इस रेल मार्ग वाली ट्रेन से रात के समय यात्रा करें ताकि सुबह आप रेगिस्तान में उगते सूरज के नजारे का आनंद ले सकें।
#3
कर्जत से लोनावला तक का रेल मार्ग
कर्जत से लोनावाला तक जाने वाला रेल मार्ग महाराष्ट्र में है, जो आपको शहर की भीड़ से दूर पहाड़ियों की सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देगा।
अपनी यात्रा के दौरान आप भोर घाटों से गुजरेंगे, फिर इस रास्ते में ही आपको शांत नदिया और खूबसूरत झरने देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि कर्जत लोनावाला से 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए यह रेल मार्ग थोड़ा छोटा, लेकिन अत्यधिक सुंदर है।
#4
कन्याकुमारी से तिरुवनंतपुरम का रेल मार्ग
कन्याकुमारी से तिरुवनंतपुरम तक की यात्रा 86 किलोमीटर की है, जो आपको सबसे अधिक खूबसूरत अनुभव प्रदान करेगी, जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।
जैसे ही आप हरे-भरे नारियल के पेड़ों से गुजरते हैं तो आपको केरल और तमिल वास्तुकला के अद्भुत दृश्य देखने को मिल सकते हैं। यकिनन यह यात्रा आपको एक अलग दुनिया में ले जाएगी।
यही नहीं, आप इस यात्रा के दौरान ही केरल और तमिलनाडु के लोगों के रहन-सहन का अंदाजा लगा सकते हैं।