
सितंबर तक 12-18 साल वालों के लिए आ सकती है जायडस की कोरोना वैक्सीन- शीर्ष विशेषज्ञ
क्या है खबर?
जायडस कैडिला की कोरोना वायरस वैक्सीन सितंबर से 12 से 18 साल के बच्चों और किशोरों को लगना शुरू हो जाएगी। राष्ट्रीय वैक्सीनेशन विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष डॉ एके अरोड़ा ने ये जानकारी दी है।
NDTV के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कुछ ही हफ्तों में जायडस की वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल जाएगी और इसके बाद इसका बच्चों पर इस्तेमाल शुरू हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद कोवैक्सिन का भी मंजूरी मिल सकती है।
इंटरव्यू
क्या बोले डॉ अरोड़ा?
बच्चों के वैक्सीनेशन पर बात करते हुए डॉ एनके अरोड़ा ने इंटरव्यू में कहा, "कोवैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हो गया है और मुझे लगता है कि सितंबर के अंत तक हम वैक्सीनेशन शुरू कर सकेंगे। मुझे लगता है कि तीसरी तिमाही या जनवरी-फरवरी की शुरूआत में हम इसे 2 से 18 साल के बच्चों को दे सकेंगे। हालांकि 12-18 साल के बच्चों पर जायडस कैडिला के ट्रायल का डाटा इससे पहले ही उपलब्ध होगा।"
बयान
सितंबर के अंत में बच्चों की दी जा सकेगी जायडस की वैक्सीन- डॉ अरोड़ा
डॉ अरोड़ा ने कहा कि सितंबर के अंत कर जायडस कैडिला की वैक्सीन को 12 से 18 साल के बच्चों को दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने जैसे मुद्दे काफी अहम हैं और इन पर चर्चा की जा रही है।
आवेदन
जायडस कैडिला ने पिछले हफ्ते किया था मंजूरी के लिए आवेदन
बता दें कि जायडस कैडिला ने पिछले ही हफ्ते अपनी वैक्सीन की आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए आवेदन किया है।
इसमें कंपनी ने कहा था कि तीसरे चरण के ट्रायल में वैक्सीन को लैक्षणिक कोरोना संक्रमण के खिलाफ 66.6 प्रतिशत और मध्यम बीमारी के खिलाफ 100 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है।
ट्रायल में इसे 12-18 साल के बच्चों पर उपयोग के लिए भी सुरक्षित पाया गया। 12-18 साल के 1,000 समेत कुल 28,000 वॉलेंटियर्स पर ये ट्रायल हुआ था।
आशंका
तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है और इसी कारण उनका वैक्सीनेशन अहम हो जाता है।
विशेषज्ञों ने अक्टूबर तक महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है और कई राज्यों ने तो बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
इन राज्यों में जगह-जगह पर बच्चों के लिए कोविड देखभाल केंद्र खोले जा रहे हैं।
दूसरा पक्ष
कई विशेषज्ञों ने उठाएं हैं बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका पर सवाल
हालांकि कई विशेषज्ञों ने इन आशंकाओं पर सवाल भी खड़े किए हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि भारत या दुनियाभर से ऐसा कोई डाटा नहीं है जो दर्शाता हो कि आने वाली लहरों में बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे।
इसके अलावा केंद्र सरकार की कोविड-19 विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष डॉ वीके पॉल ने भी कहा था कि ये पक्का नहीं है कि कोई लहर विशेष रूप से बच्चों को प्रभावित करेगी।
मौजूदा स्थिति
देश में क्या है कोरोना महामारी की स्थिति?
देश में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 43,393 नए मामले सामने आए और 911 मरीजों की मौत हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,07,52,950 हो गई है। इनमें से 4,05,939 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सक्रिय मामलों की संख्या कम होकर 4,58,727 रह गई है।
देश में बीते कई हफ्तों से कोरोना मामलों में गिरावट आ रही है और हालात बेहतर हो रहे हैं।