
कोरोना वायरस संक्रमण से 9-12 महीने तक सुरक्षा दे सकती है वैक्सीन- AIIMS निदेशक
क्या है खबर?
हालिया दिनों में कोरोना वायरस की संभावित वैक्सीन्स को लेकर उत्साह बढ़ाने वाली खबरें सामने आई हैं। अब यह उम्मीद जगी है कि दुनिया महामारी के खिलाफ जारी जंग को जीतने के करीब पहुंच गई है।
इसी बीच दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक और बयान देकर उम्मीद बढ़ा दी है।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन 9-12 महीनों तक कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा दे सकती है।
कोरोना वायरस
आबादी के बड़े हिस्से को संक्रमण से बचा लेगी वैक्सीन- गुलेरिया
न्यूज18 के अनुसार, गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीन आबादी के बड़े हिस्से को महामारी के प्रकोप से बचा लेगी और संक्रमण की चेन तोड़ने में मददगार साबित होगी।
हालांकि, अभी तक जो नतीजे सामने आए हैं, उनमें यह जानकारी नहीं मिली है कि कोई वैक्सीन महामारी से कितने लंबे समय तक सुरक्षा दे सकती है। इसके लिए इंतजार करना होगा।
बता दें, अभी तक मॉडर्ना, फाइजर और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपनी संभावित वैक्सीन्स के ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं।
महामारी
कुछ समय तक पूरी तरह गायब नहीं होगा कोरोना वायरस- गुलेरिया
डॉक्टर गुलेरिया ने यह भी कहा कि वैक्सीन आने के बाद भी कुछ समय तक कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होगा। 2023 तक संक्रमण कम होता जाएगा और हो सकता है कि उससे पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) महामारी के खात्मे का ऐलान कर दे।
गुलेरिया ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोरोना वायरस गायब हो जाएगा। यह हल्की बीमारी बन सकता है।
इसका मतलब यह है कि कहीं-कहीं इसके कुछ मामले सामने आते रहेंगे।
योजना
भारत में स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले दी जाएगी वैक्सीन
भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन उपलब्ध होने पर सबसे पहले इनकी खुराक एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी।
इन स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान का काम पूरा हो चुका है और अगले साल की शुरुआत में वैक्सीन उपलब्ध होते ही इन्हें खुराक देना शुरू कर दिया जाएगा।
अभी तक 92 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों और लगभग 56 प्रतिशत निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा जमा करवा दिया है। डाटाबेस तैयार करने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
ट्रायल
भारत में ट्रायल के दौर में हैं पांच संभावित वैक्सीन
भारत में फिलहाल पांच संभावित वैक्सीन ट्रायल के आखिरी चरणों में पहुंच चुकी हैं।
ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की संभावित वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं भारत बायोटेक ने तीसरा चरण शुरू किया है। जाइडस कैडिला ने दूसरा चरण पूरा कर लिया है।
इनके अलावा रूस की स्पूतनिक-V का 2-3 चरण का ट्रायल शुरू हुआ है और बायोलॉजिकल E 1-2 चरण के ट्रायल कर रही है।
कोरोना वायरस
देश में महामारी की क्या स्थिति?
वैक्सीन के लंबे होते इंतजार के बीच देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
भारत में बीते दिन कोरोना के 37,975 नए मामले सामने आए और 480 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 91,77,840 हो गई है। इनमें से 1,34,218 लोगों की मौत हुई है, 4,38,667 सक्रिय मामले हैं और 86,04,955 लोग महामारी को हराकर ठीक हो चुके हैं।