
उत्तराखंड का UCC विधेयक बना कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी
क्या है खबर?
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) अब कानून बन गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को इसे मंजूरी दे दी।
UCC विधेयक को पिछले महीने उत्तराखंड विधानसभा ने बहुमत से पारित किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन जाएगा।
इस विधेयक को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में पेश किया था, जिसके बाद यहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी।
कानून
कानून लागू होने से क्या बदलेगा?
उत्तराखंड के UCC कानून में बेटा और बेटी दोनों को संपत्ति में समान अधिकार दिए गए हैं। नाजायज संतान को भी संपत्ति में समान अधिकार दिया गया है।
इसमें बहुविवाह पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है और हलाला और इद्दत जैसी इस्लामी प्रथाओं पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान भी है।
कानून में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है और ऐसा न करने पर जेल का प्रावधान है। तलाक की प्रक्रिया सभी धर्मों में समान रहेगी।
बहस
और किन राज्यों में UCC आने की संभावना?
उत्तराखंड के बाद असम समेत अन्य कई भाजपा शासित राज्यों में भी UCC लाया जा सकता है। धामी ने बताया था कि अन्य राज्य भी उनसे विधेयक को लेकर संपर्क कर चुके हैं।
असम के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा इसे लागू करने के लिए काफी उत्सुक दिख रहे हैं, वहीं दक्षिण के राज्य इसके सख्त विरोध में हैं।
UCC लागू करना भाजपा का एक पुराना चुनावी वादा रहा है।