
कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक लगने के 28 दिन बाद तक नहीं कर सकते रक्तदान- NBTC
क्या है खबर?
भारत में कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस वैक्सीन की दूसरी खुराक लगवाने के 28 दिन बाद तक रक्तदान नहीं कर सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाली राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद (NBTC) ने अपने एक हालिया आदेश में ये बात कही है।
17 फरवरी को हुई NBTC की गवर्निंग बॉडी की 30वीं बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई थी और NBTC के निदेशक डॉ सुनील गुप्ता ने 5 मार्च को इससे संबंधित आदेश जारी किया।
आदेश
आदेश में क्या कहा गया?
NBTC के आदेश के अनुसार, कोरोना वैक्सीनेशन के बाद रक्तदान के जिन मानदंडों को मंजूरी दी गई है, उनके तहत वैक्सीन की दूसरी खुराक लगने के 28 दिन बाद तक लाभार्थी रक्तदान नहीं कर सकेंगे।
चूंकि अभी देश में वैक्सीन की दो खुराकों के बीच 28 दिन का अंतर रखा जा रहा है, इसलिए इस आदेश का मतलब हुआ कि लोग वैक्सीन की पहली खुराक लगने के 56 दिन बाद तक रक्तदान नहीं कर सकेंगे।
एंटीबॉडीज
दूसरी खुराक के दो हफ्ते बाद बनती हैं कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वैक्सीन की दूसरी खुराक के दो हफ्ते (लगभग 14 दिन) बाद लाभार्थियों के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज बनती हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए NBTC ने यह आदेश जारी किया है।
वहीं वैक्सीन लगने के बाद शराब का सेवन करना चाहिए या नहीं, इस पर मंत्रालय का कहना है कि विशेषज्ञों के अनुसार शराब से वैक्सीन की प्रभावशीलता पर असर पड़ने का कोई सबूत नहीं है।
वैक्सीनेशन अभियान
देश में क्या है कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति?
16 जनवरी को कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान की शुरूआत के बाद से शनिवार तक देश में 4.46 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी हैं।
अभी अभियान का दूसरा चरण चल रहा है जिसमें 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।
वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी है और अभी तक एक दिन में अधिकतम 30 लाख खुराकें लगाई गई हैं।
वैक्सीनें
देश में हो रहा दो वैक्सीनों का उपयोग
अभी भारत में दो वैक्सीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सिन' शामिल हैं।
कोविशील्ड' को एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने विकसित किया है और भारत में SII इसका निर्माण कर रही है। वहीं कोवैक्सिन पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है।
तीसरे चरण के ट्रायल में कोविशील्ड को लगभग 70 प्रतिशत और कोवैक्सिन को लगभग 81 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है।
महामारी की स्थिति
देश में फिर से बढ़ रहा है कोरोना का प्रकोप
देश में पिछले एक महीने में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बिगड़ी है और शनिवार को देश में 43,846 नए मामले सामने आए जो नवंबर के बाद एक दिन में सामने आए सबसे अधिक मामले हैं।
देश में अभी तक कुल 1.16 करोड़ लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया जा चुका है और लगभग 1.60 लाख लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर तीन लाख से अधिक हो गई है।