
मोबाइल फोन के जरिये फैल सकता है कोरोना वायरस, अस्पतालों में इस्तेमाल पर रोक की सिफारिश
क्या है खबर?
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच AIIMS रायपुर के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संस्थानों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश की है।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे डिवाइस वायरस के संवाहक हो सकते हैं, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने का खतरा रहता है।
मोबाइल फोन सीधा हाथ और मुंह के संपर्क में आते हैं और हाथ धोने के बाद भी इनसे संक्रमण का खतरा रहता है।
गाइडलाइंस
पहले की कई गाइडलाइंस में नहीं मोबाइल की चर्चा
हालांकि, इससे पहले भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई संगठनों की गाइडलाइंस आ चुकी है, लेकिन किसी में भी मोबाइल फोन के बारे में विशेष चर्चा नहीं की गई है।
BMJ ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित सिफारिशों में कहा गया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में बात करने, गाइडलाइंस देखने, दवाओं का साइड इफेक्ट समझने, टेलीमेडिसिन अपॉइटमेंट और मरीजों को ट्रैक करने समेत कई कामों के लिए मोबाइल की जरूरत होती है।
कोरोना वायरस
सिर्फ हाथ धोने से नहीं टाला जा सकता मोबाइल से संक्रमण का खतरा
सामुदायिक और परिवार मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों के लिखे दस्तावेज में बताया गया है कि मास्क, कैप और चश्मे के बाद मोबाइल फोन ही सबसे ज्यादा हाथ, चेहरे, नाक और आंखों के संपर्क में आता है, लेकिन इसे बाकियों की तरह इस्तेमाल के बाद फेंका नहीं जा सकता।
इसकी विशेष सफाई की जरूरत होती है। महज हाथ धोने से संक्रमण से नहीं बचा जा सकता। इस बात के कई सबूत है कि मोबाइल वायरस के संवाहक बन रहे हैं।
सफाई
केवल 10 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मी करते हैं फोन की सफाई
इन सिफारिशों में कहा गया है कि भारत में हुई एक स्टडी में पता चला है कि अस्पतालों में 100 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही इसकी सफाई करते हैं।
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के मुताबिक, मोबाइल, काउंटर, टेबल, टॉयलेट, कीबोर्ड्स आदि उन सतहों में शामिल हैं, जो सबसे ज्यादा छुई जाती हैं।
गौरतलब है कि इन सतहों पर कोरोना वायरस लंबे समय तक रह सकता है।
सिफारिश
एक-दूसरे के साथ शेयर न करें फोन और अन्य डिवाइस
इन डॉक्टरों का कहना है कि ICU और ऑपरेशन थियेटर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक होनी चाहिए और बाकी जगहों पर डॉक्टरों को बात करने के लिए हेडफोन प्रयोग करने चाहिए ताकि फोन सीधा चेहरे के संपर्क में न आए।
सिफारिशों में कहा गया है कि डॉक्टरों को फोन, हेडफोन और दूसरे डिवाइसों को एक-दूसरे के साथ शेयर करने से बचना चाहिए और जहां संभव हो, वहां इंटरकॉम सुविधा के सहारे काम चलाना चाहिए।