
असम में 2,200 करोड़ रुपये के शेयर बाजार घोटाले का खुलासा, ऐसे ठगी करते थे जालसाज
क्या है खबर?
देश में साइबर अपराध के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच असम पुलिस ने 2,200 करोड़ रुपये के एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े घोटाले को करने के लिए साइबर जालसाजों ने लोगों को ऑनलाइन शेयर में निवेश कर पैसा कमाने का झांसा दिया था।
मामले की जांच करते हुए असम पुलिस ने अभी तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया है।
ठगी
इस तरह लोगों को फंसाते थे जालसाज
गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान डिब्रूगढ़ के ऑनलाइन व्यापारी विशाल फुकन और गुवाहाटी के स्वप्निल दास के रूप में हुई है।
अपनी आकर्षक जीवन शैली के जरिए फुकन लोगों को जाल में फंसाता था और उन्हें ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश कर 60 दिनों के अंदर 30 प्रतिशत मुनाफा कमाने का झांसा देता था।
इस ठगी को अंजाम देने के लिए उसने खुद की कई नकली कंपनियां भी बनाई थी और असम की फिल्म इंडस्ट्री में भी पैसा लगाया था।
तलाश
पुलिस अन्य आरोपियों की कर रही तलाश
यह घोटाला पूरे राज्य में फैला हुआ है और आगे भी इसमें कई अन्य आरोपियों के गिरफ्तार होने की उम्मीद है।
पुलिस अब इस मामले की पड़ताल करते हुए असम फिल्म इंडस्ट्री की कोरियोग्राफर समी बोर की तलाश कर रही है, जो फुकन के नेटवर्क से जुड़ी हुई है।
डिब्रूगढ़ में पुलिस ने फुकन के घर से छापा मारकर इस घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर लिया है।
सलाह
मुख्यमंत्री ने दी लोगों को सावधान रहने की सलाह
इस घोटाले का भंडाफोड़ होने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से शेयर बाजार और किसी भी अन्य तरह की योजना में निवेश में निवेश करने से सावधान रहने को कहा है।
उन्होंने ने कहा, "मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्मों के माध्यम से शेयर बाजार में पैसा लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। धोखेबाज लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मैं लोगों से धोखेबाजों से दूर रहने का आग्रह करता हूं।"
सुरक्षा
ऐसी ठगी से कैसे रहें सुरक्षित?
व्हाट्सऐप या किसी अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे का निवेश कर मुनाफा कमाने वाले किसी भी योजना में शामिल होने से बचें।
अगर आप किसी योजना में शामिल होकर पैसा कमाना चाहते हैं तो सबसे पहले उस योजना के बारे में पड़ताल जरूर करें।
किसी भी अनजान योजना में पैसे का निवेश ना करें और अपनी वित्तीय जानकारियां किसी के साथ साझा ना करें।
साइबर ठगी की आशंका होने पर साइबर अपराध सेल में तत्काल शिकायत करें।