
अमिपुर: अमित शाह करेंगे सीमावर्ती शहर और हिंसाग्रस्त जिले का दौरा, कुकी समुदाय से करेंगे बातचीत
क्या है खबर?
हिंसाग्रस्त मणिपुर के 4 दिवसीय दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को भारत-म्यांमार की सीमा के पास स्थित मोरेह शहर का दौरा करेंगे।
शाह इस शहर में बहुसंख्यक कुकी समुदाय के लोगों के साथ बातचीत करने के साथ-साथ मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे।
गौरतलब है कि शाह ने मंगलवार को मणिपुर की सभी पार्टियों के नेताओं के साथ एक सर्वदलीय बैठक समेत कुल 9 अहम बैठकें की थीं।
दौरा
शाह हिंसाग्रस्त कांगपोकपी जिले का भी दौरा करेंगे
NDTV के मुताबिक, शाह सीमावर्ती मोरेह के बाद उसके पड़ोसी कांगपोकपी जिले का दौरा भी करेंगे।
यह जिला कुकी समुदाय के लोगों की भारी आबादी वाला क्षेत्र है, लेकिन यहां मैतेई समुदाय के कुछ लोग भी रहते हैं।
कांगपोकपी उन जिलों में से एक है, जो हिंसा में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां उपद्रवियों द्वारा दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों और इमारतों को बड़े स्तर पर निशाना बनाया गया है।
बैठक
शाह ने मंगलवार को सेना और पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक
शाह ने मंगलवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की मौजूदगी में भारतीय सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय सशस्त्र बलों और मणिपुर पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को तत्काल शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख तपन कुमार डेका भी मौजूद रहे।
बैठक
शांति बहाल करने के लिए शाह ने लिए 5 बड़े फैसले
शाह ने मणिपुर की कैबिनेट के साथ भी बैठक की, जिसमें शांति बहाल करने के लिए 5 बड़े फैसले लिए गए।
इन फैसलों में राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार करना, प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता पहुंचाना, हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजा देना और अफवाहों और झूठी खबरों के प्रसार को रोकना शामिल हैं।
शाह ने हिंसा के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करवाने का आश्वासन भी दिया।
बैठक
मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के साथ नहीं होगा समझौता- शाह
मणिपुर के 10 आदिवासी विधायकों की आदिवासियों के लिए अलग राज्य की मांग पर शाह ने कहा कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने समाज के वरिष्ठ नागरिकों से शांति बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध करते हुए कहा कि जल्द ही एक राजनीतिक समाधान निकाल लिया जाएगा।
शाह ने राजधानी इंफाल में समाज की प्रमुख महिला कार्यकर्ताओं (मीरा पैबी) के एक समूह के साथ भी बैठक की।
हिंसा
मणिपुर में क्यों हो रही है हिंसा?
इस महीने की शुरुआत से मणिपुर में हिंसा जारी है। आदिवासियों ने गैर-आदिवासी मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिये जाने के विरोध में 3 मई को एकजुटता मार्च निकाली थी, जिसके बाद एक हफ्ते से ज्यादा समय तक राज्य में हिंसक झड़पें होती रहीं।
हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राज्यभर में लगभग 2,000 घरों को भी जलाया गया है और हजारों लोगों को यहां से विस्थापित होना पड़ा है।