
दिल का दौरा पड़ने से लोकप्रिय तमिल एक्टर और कॉमेडियन विवेक का निधन
क्या है खबर?
जाने-माने तमिल एक्टर और कॉमेडियन विवेक का 17 अप्रैल की सुबह चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे।
विवेक को एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विवेक के निधन से उनके परिवार, प्रशंसकों और इंडस्ट्री में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर उनके शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
आइए जानते हैं विस्तार से।
दुखद
अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजू शिवसामी ने दी जानकारी
विवेक को शुक्रवार को चेन्नई के वडापलानी स्थित SIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजू शिवसामी ने कहा, "16 अप्रैल की रात लगभग 2 बजे उनकी तबियत बिगड़ने लगी। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें उसी दिन सुबह बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था।"
डॉक्टर ने कहा, "यहां उन्हें ESMO सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। हालत गंभीर होने के कारण मशहूर कॉमेडियन ने 17 अप्रैल तड़के दम तोड़ दिया।"
एहतियात
15 अप्रैल को विवेक ने लगवाई थी कोरोना वैक्सीन
15 अप्रैल को विवेक सरकारी अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने गए थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की थी।
उन्होंने बताया था कि कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए उन्होंने निजी अस्पताल की जगह सरकारी अस्पताल क्यों चुना।
विवेक ने कहा था कि सरकारी अस्पताल में हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं। इसकी पहुंच ज्यादा लोगों तक है।
अपील
विवेक ने सभी से वैक्सीन लगवाने का किया था अनुरोध
विवेक ने कोरोना का टीका लगवाने के बाद सभी से वैक्सीन लगवाने की गुजारिश भी की थी।
उन्होंने कहा था, "कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है, लेकिन हम यह ना सोचें कि अगर हम कोरोना का टीका लगा लेंगे तो बीमार नहीं पड़ेंगे।"
विवेक ने कहा था, "ध्यान तो हमें फिर भी रखना पड़ेगा, लेकिन वैक्सीन इस बात के लिए हमें निश्चिंत कर सकती है कि इसे लगाने के बाद खतरा पहले से बहुत कम हो जाएगा।"
उपलब्धि
पद्मश्री पुरस्कार अपने नाम कर चुके थे विवेक
1987 में तमिल फिल्म 'मनाथिल उरूदी वेंडुम' से विवेक ने अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने बतौर सोलो कॉमेडियन भी अपनी पहचान बनाई।
सिनेमा में उनके योगदान के लिए सरकार ने उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा था। 90 के दशक से विवेक ने लोकप्रियता हासिल करना शुरू कर दी थी, जिसका सिलसिला अगले दो दशकों तक जारी रहा।
विवेक, रजनीकांत, थलपति विजय, विक्रम, अजित कुमार, धनुष और माधवन जैसे कई सितारों के साथ काम कर चुके थे।