
गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में चक्रवात की संभावना, भारी बारिश की चेतावनी जारी
क्या है खबर?
गुजरात में पिछले 4 दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद अभी इसके रुकने की संभावना नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।
IMD के मुताबिक, सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में चक्रवात आसना की संभावना बन रही है, जो शुक्रवार को अरब सागर से ओमान के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इसकी तीव्रता एक जैसी ही बनी हुई है।
अलर्ट
कहां-कहां दिखेगा तूफान का असर?
IMD विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव के कारण अगले 2 से 3 दिनों में ओडिशा, तटीय कर्नाटक और केरल में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
सौराष्ट्र-कच्छ में भारी दबाव के कारण तटीय जिलों कच्छ, द्वारका और जामनगर में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
बारिश
देश में मानसून सक्रिय, अगले 4 दिन बारिश की संभावना
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संभावित तूफान के पूर्वानुमान के बाद गांधीनगर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बैठक कर सभी विभागों को तैयार रहने को कहा।
गुजरात के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। 2 से 4 सितंबर तक महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में बारिश होगी।
2 सितंबर तक दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होगी। राजस्थान में कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है।
ट्विटर पोस्ट
नक्शे में देखिए, कहां-कहां होगी बारिश
Rainfall Warning : 29th August 2024
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 29, 2024
वर्षा की चेतावनी : 29th अगस्त 2024 #rainfallwarning #IMDWeatherUpdate #Saurashtra #Kutch #Odisha #karnataka @moesgoi @ndmaindia @airnewsalerts @DDNewslive@IMDAHMEDABAD @PIBAhmedabad @PIBBhubaneswar @mcbbsr @metcentre_bng@PIBBengaluru pic.twitter.com/6WfbtcUeTd
जानकारी
चक्रवात आसना के बारे में जानिए
आसना नाम पाकिस्तान ने दिया है। 1891 के बाद अगस्त में अरब सागर में विकसित होने वाला चौथा चक्रवाती तूफान है। ऐसा आखिरी तूफान 1976 में आया था। अगर यह आगे बढ़ा तो 1976 के बाद अगस्त में विकसित होने वाला पहला चक्रवात बनेगा।