
भारत में एक दिन में लगी रिकॉर्ड 85 लाख कोरोना वैक्सीन, प्रधानमंत्री ने जताई खुशी
क्या है खबर?
देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान में सोमवार से नई वैक्सीनेशन नीति को लागू किया गया।
इसके तहत देश के सरकारी केंद्रों पर सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके तहत पहले दिन ही देश ने वैक्सीनेशन में नया रिकॉर्ड बना लिया। कोविन के अनुसार, सोमवार रात 11 बजे तक देशभर में रिकॉर्ड 85 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर खुशी जताते हुए वेलडन इंडिया कहा है।
सबसे ज्यादा
मध्य प्रदेश में लगाई गई सबसे ज्यादा 12 लाख खुराकें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों ने सोमवार के वैक्सीनेशन में बनाए गए नए रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 16.7 लाख और कर्नाटक ने 11 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
इसी तरह उत्तर प्रदेश में 5.84 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। इससे पहले भारत में 2 अप्रैल को सबसे ज्यादा 42 लाख खुराकें लगाई गई थी।
खुशी
प्रधानमंत्री मोदी ने रिकॉर्ड वैक्सीनेशन पर जताई खुशी
देश में हुए रिकॉर्ड वैक्सीनेशन पर प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जताई है।
उन्होंने ट्वीट किया, 'आज का रिकॉर्ड तोड़ वैक्सीनेशन खुश करने वाला है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन हमारा सबसे मजबूत हथियार है।उन सभी को बधाई, जिन्होंने वैक्सीन लगवाई और सभी फ्रंटलाइन वॉरियर्स को भी बधाई जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि इतने सारे नागरिकों को वैक्सीन मिल सके। वेलडन इंडिया।'
इसी तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रधानमंत्री के ट्वीट को रिट्वीट कर खुशी जताई है।
नीति
क्या है नई वैक्सीनेशन नीति?
इस महीने की शुरुआत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार वैक्सीनेशन अभियान पर पूरा नियंत्रण वापस ले रही है।
उन्होंने कहा कि देश में वैक्सीन के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र द्वारा खरीदा जाएगा और राज्यों को मुफ्त में वैक्सीन वितरित की जाएगी। इसी तरह शेष 25 प्रतिशत वैक्सीन निजी अस्पताल खरीद सकेंगे।
वैक्सीन की कीमत में अंतर सहित कई खामियों के लिए केंद्र की पिछली वैक्सीनेशन नीति की आलोचना हुई थी।
लक्ष्य
कई राज्यों ने वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित किया लक्ष्य
बता दें कि सरकार ने प्रतिदिन वैक्सीन की 50 लाख खुराकें लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई राज्यों ने आगे आते हुए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया है। असम सरकार ने अगले 10 दिनों तक प्रतिदिन तीन लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने प्रतिदिन सात लाख खुराक लगाने की योजना बनाई है। रविवार को आंध्र प्रदेश ने 13 लाख से ज्यादा खुराकें लगाई गई थीं।
वैक्सीन
भारत में 17 प्रतिशत आबादी को लगी पहली खुराक
भारत में वर्तमान में वैक्सीनेशन अभियान में तीन वैक्सीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसमें भारत बायोटेक की कोवैक्सिन, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और रूस का स्पुतनिक-V शामिल है। भारत में अब तक 28 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक लगाई जा चुकी है और लगभग 17 प्रतिशत आबादी को पहली खुराक मिल चुकी है।
हालांकि, अभी तक महज चार प्रतिशत आबादी को ही वैक्सीन की दोनों खुराकें लगाई जा सकी है।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 53,256 नए मामले सामने आए और 1,422 मरीजों की मौत हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 2,99,35,221 हो गई है। इनमें से 3,88,135 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सक्रिय मामलों की संख्या कम होकर 7,02,887 रह गई है।
देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मामलों में गिरावट देखी जा रही है और हालात सुधर रहे हैं।
चिंता
विशेषज्ञों ने जताई 6-8 सप्ताह में तीसरी लहर आने की आशंका
इसी बीच दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने वर्तमान हालातों को देखते हुए आगामी 6-8 सप्ताह में कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है।
उन्होंने कहा कि तीसरी लहर का प्रभाव वैक्सीनेशन की स्थिति और कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के स्तर पर निर्भर करेगी। बता दें कि महामारी की दूसरी लहर कहर थमने के साथ कई राज्यों ने लॉकडाउन में ढील देना शुरू कर दिया है।