
कोरोना वायरस: केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के लिए गाइडलाइंस जारी कीं, जानें क्या-कुछ कहा
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर में शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाके भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए अब केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कोविड के प्रबंधन के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं।
इन गाइडलाइंस में मुख्य जोर निगरानी, स्क्रीनिंग, आइसोलेशन, रेफरल और टेस्टिंग पर दिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकारों को ग्रामीण इलाकों में बेड और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के तरीके भी बताए गए हैं।
गाइडलाइंस
हर गांव में इंफ्लुएंजा जैसी बीमारियों पर नजर रखने की सलाह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस में आशा कर्मचारियों और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण समिति (VHSNC) के जरिए हर गांव में इंफ्लुएंजा जैसी बीमारियों और सांस संबंधी संक्रमणों पर निगरानी रखने को कहा गया है।
पहले से बीमार और कम ऑक्सीजन स्तर वाले संक्रमितों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजने की सलाह दी गई है।
संदिग्ध मामलों की पहचान करके उनका स्वास्थ्य केंद्र पर एंटीजन टेस्ट करने या किसी लैब को सैंपल भेजने को कहा गया है।
सलाह
कोरोना संक्रमितों के पास रहने वालों का टेस्ट करें- मंत्रालय
गाइडलाइंस में बिना मास्क और छह फुट की दूरी के कोरोना संक्रमितों के पास 15 मिनट तक रहने वाले लोगों को क्वारंटाइन करने और नियमों के अनुसार उनका टेस्ट करने को कहा गया है।
इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया गया है।
उछाल की तीव्रता और मामलों की संख्या को देखते हुए जितना संभव हो सके, उतनी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करने को भी कहा गया है।
होम आइसोलेशन
होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए ये गाइडलाइंस
होम आइसोलेशन से संबंधित गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोरोना वायरस के 80-85 प्रतिशत मरीज बिना या हल्के लक्षणों वाले होते हैं और इनका घर पर ही इलाज किया जा सकता है।
गाइडलाइंस के अनुसार, होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का ऑक्सीजन स्तर नापते रहना जरूरी है और इसके लिए हर गांव में पर्याप्त पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर होने चाहिए।
आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के जरिए ऑक्सीमीटर किराए पर देने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
जानकारी
मरीजों को दवाइयों के साथ होम आइसोलेशन किट देने की सलाह
मंत्रालय ने राज्य सरकारों को होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को एक किट प्रदान करने की सलाह भी दी है जिसमें पैरासीटोमाल 500 mg, आइवरमेक्टिन, कफ सीरप, मल्टी विटामिन्स और नियम और सावधानियां बताने वाले पर्चे होने चाहिए।
आपातकालीन स्थिति
ये लक्षण दिखने पर तुरंत करें आपातकालीन सेवाओं से संपर्क
मंत्रालय ने मरीज और उसकी देखभाल कर रहे व्यक्ति को लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखने को कहा है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने, ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम होने, छाती में लगातार दर्द या दबाव बने रहने या मानसिक भ्रम की स्थिति होने पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
94 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन स्तर होने पर मरीज को ऑक्सीजन बेड वाले अस्पताल में भर्ती कराने को कहा गया है।
जानकारी
ऐसा होने पर 10 दिन बाद आइसोलेशन खत्म कर सकेंगे मरीज
गाइडलाइंस में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज लक्षण दिखने के 10 दिन बाद और तीन दिन तक बुखार न आने पर आइसोलेशन को खत्म कर सकेंगे। आइसोलेशन खत्म होने के बाद उनका दोबारा टेस्ट की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य व्यवस्था
ग्रामीण इलाकों में 30 बेड वाले देखभाल केंद्र बनाने का सुझाव
गाइडलाइंस में ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकारों को कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। उन्हें ग्रामीण इलाकों में 30 बेड वाले कोविड देखभाल केंद्र बनाने को कहा गया है।
ये केंद्र बनाने के लिए स्कूल, सामुदायिक केंद्रों, विवाह हॉल और पंचायती घर आदि का उपयोग करने को कहा गया है।
इन केंद्रों पर मरीजों की देखभाल कैसे करनी है, गाइडलाइंस में इसका तरीका भी बताया गया है।
कोरोना का कहर
देश में क्या है कोरोना वायरस महामारी की स्थिति?
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 3,11,170 नए मामले सामने आए और 4,077 मरीजों की मौत हुई। कुछ दिनों से नए मामलों की संख्या में कमी देखी जा रही है।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 2,46,84,077 हो गई है। इनमें से 2,70,284 लोगों को इस खतरनाक वायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सक्रिय मामलों की संख्या कम होकर 36,18,458 हो गई है।