
#NewsBytesExplainer: कैसे तैयार हुई थी गोल्डन ग्लोब जीतने वाली 'बार्बी' की गुलाबी दुनिया?
क्या है खबर?
गोल्डन ग्लोब, 2024 के विजेताओं की घोषणा हो चुकी है। इस बार विजेताओं की सूची में 'ओपेनहाइमर' के साथ 'बार्बी' ने भी पुरस्कार जीते।
इसने मोशन पिक्चर बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग व सिनेमैटिक और बॉक्स ऑफिस अचीवमेंट की श्रेणी में गोल्डन ग्लोब पुरस्कार अपने नाम किया।
पिछले साल 'बार्बी' की गुलाबी दुनिया ने दुनियाभर के दर्शकों को आकर्षित किया था।
आज बात करते हैं कि निर्देशक ग्रेटा गेरविग ने आखिर यह खूबसूरत दुनिया किस तरह बनाई।
प्रोडक्शन डिजाइनर
प्रोडक्शन डिजाइनर साराह ग्रीनवुड ने तैयार किया लुक
पर्दे पर भव्य गुलाबी दुनिया जितनी आकर्षक लगती है, इसका निर्माण उतना ही जटिल था। इसमें फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइनर की अहम भूमिका थी।
प्रोडक्शन डिजाइनर आर्ट डिपार्टमेंट का मुखिया होता है। वह निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर के साथ मिलकर पर्दे पर फिल्म के लुक को तैयार करता है।
'बार्बी' की प्रोडक्शन डिजाइनर साराह ग्रीनवुड थीं। बार्बी के खूबसूरत दृश्यों का श्रेय उन्हें ही जाता है।
सेट डेकोरेटर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर के साथ मिलकर उन्होंने दृश्यों को खास तरह का लुक दिया।
मकसद
ऐसा 'बार्बीलैंड' चाहती थीं निर्देशक गेरविग
इस फिल्म के लिए गेरविग ऐसी दुनिया बनाना चाहती थीं, जो 'बनावटी के साथ-साथ बिल्कुल असली' लगे। यह सुनने में जितना अटपटा है, इसे बनाना भी उतना ही कठिन था।
इसके लिए गेरविग ने अपनी टीम के साथ रिसर्च की।
सेट को इस तरह से पेंट किया गया कि इसका बनावटीपन उभर कर आए, जबकि इसमें गाड़ियों, दरवाजे, जैसी 3D वस्तुओं का उपयोग हुआ, जिससे ये असल लगें।
गेरविग और साराह ने बेहद बारीकी से इसके दृश्यों पर काम किया।
गुलाबी रंग
गुलाबी रंग चुनने में भी हुई मशक्कत
अगर आपको लगता है कि टीम ने सबकुछ गुलाबी रंग दिया और काम हो गया, तो आप गलत हैं। ध्यान से देखें तो किसी भी दृश्य के अलग-अलग तत्व अलग-अलग तरह के गुलाबी शेड के हैं।
ग्रेटा ने अपना 'बार्बी पिंक' चुनने से पहले गुलाबी के कई शेड पर रिसर्च की।
फिल्म के सेट को तैयार करने के लिए उन्होंने 700 लीटर गुलाबी पेंट का ऑर्डर दिया था, जिसका इंतजाम करने में पूरी वॉर्नर ब्रोस कंपनी जुट गई थी।
सफेद-काला
सफेद और काले से किया गया परहेज
'बार्बीलैंड' में बैकग्राउंड में दिखने वाले पहाड़ों को भी पेंट किया गया था। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखा गया कि यहां कुछ भी सफेद और काला नहीं होना चाहिए।
'बार्बीलैंड' पर जब पुरुषों का कब्जा हो जाता है, तब यहां आए बदलाव को दिखाने के लिए सफेद और काले रंग का इस्तेमाल किया गया।
फिल्म का सेट लंदन के बाहर वॉर्नर ब्रोस के एक स्टूडियो में तैयार किया गया था।
वास्तुकला
बनाए गए बिना दीवार वाले घर
'बार्बीलैंड' के मकान भी इसकी दुनिया को खास और अलग बनाते हैं। 'बार्बीलैंड' के घरों की खास बात यह थी कि इनमें कोई दिवार नहीं थी। ये देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इन्हें बनाना बड़ी चुनौती थी। बिना दिवार के कोई भी घर टिकेगा कैसे?
इसके लिए स्तंभों का इस्तेमाल किया गया, जिसे गुलाबी रंग से ढक दिया गया।
दीवार न होने के कारण हर दृश्य में घर के बाहर दिखने वाली चीजों पर भी ध्यान देना होता था।
लाइट
लाइट से बनाया भव्य और जीवंत
सेट बनाने के चुनौतीपूर्ण काम को पूरा करने के बाद भी, अभी सिर्फ आधी जंग ही पूरी हुई थी। सेट बनाने में जिन बारीकियों का ध्यान रखा गया, अब यह सुनिश्चित करना था कि वे पर्दे पर भी दिखें।
यह जिम्मेदारी ली फिल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी रॉडरिएगो प्रिएटो ने ली।
अमूमन फिल्म सेट पर सिर्फ विषय को प्रकाशित किया जाता है, लेकिन बार्बी की शूटिंग के वक्त पूरे सेट को प्रकाशित रखा गया, जिससे ये रंगीन और जीवंत दिखें।
फिल्म
जुलाई में आई थी 'बार्बी'
'बार्बी' पिछले साल 21 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में मार्गोट रॉबी और रेयान गोसलिंग ने मुख्य भूमिका निभाई है।
फिल्म की कहानी एक काल्पनिक 'बार्बीलैंड' की है, जहां बार्बी राज करती हैं। यहां सबकुछ उनके हिसाब से होता है। 'बार्बीलैंड' में तब सबकुछ बदल जाता है जब एक बार्बी असल दुनिया में आती है।
'बार्बी' जियो सिनेमा पर देखी जा सकती है।
यह फिल्म क्रिस्टोफर नोलान की 'ओपेनहाइमर' के साथ रिलीज हुई थी।