
CBSE: अगले साल 15 फरवरी से शुरू होंगी कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं
क्या है खबर?
कक्षा 10 और 12 के नतीजे जारी करने के बाद अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
CBSE ने कहा है कि अगले साल यानी शैक्षणिक सत्र 2022-23 की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 15 फरवरी, 2023 से शुरू होगा।
बोर्ड ने कहा कि अगले साल होने वाली परीक्षाओं का आयोजन एक ही टर्म में कराया जाएगा।
सूचना
CBSE के परीक्षा नियंत्रक ने नोटिस जारी कर दी सूचना
CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने शुक्रवार को जारी नोटिस में कहा, "दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी के कम होते प्रभाव को देखते हुए बोर्ड ने 15 फरवरी, 2023 से परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला लिया है।"
जानकारी के लिए बता दें कि महामारी से पहले भी हर वर्ष बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन दो टर्म की बजाय सिर्फ एक ही टर्म में किया जाता था।
परीक्षा
शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दौरान दो टर्म में आयोजित हुई थीं परीक्षाएं
बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए CBSE ने दो टर्म में परीक्षाएं आयोजित की थीं।
टर्म-1 बोर्ड परीक्षाएं पिछले साल नवंबर-दिसंबर में आयोजित की गई थीं, जबकि टर्म-2 परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू हुई थीं।
शुक्रवार को घोषित नतीजों में बोर्ड ने टर्म-2 परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन को 70 प्रतिशत और टर्म-1 के अंकों को 30 प्रतिशत वेटेज दिया है। टर्म-1 और टर्म-2 में आयोजित प्रैक्टिकल परीक्षाओं को समान वेटेज दिया गया है।
प्रदर्शन
इस साल कैसा रहा CBSE का रिजल्ट?
CBSE की तरफ से जारी सूचना के अनुसार, इस साल कक्षा 12 का परिणाम कुल 92.71 प्रतिशत रहा, जबकि बीते साल यानी 2021 में इस कक्षा में 99.37 प्रतिशत छात्र पास हुए थे।
इसी तरह कक्षा 10 में इस बार 94.40 प्रतिशत छात्र पास हुए, जबकि पिछली बार इस कक्षा में 99.04 प्रतिशत छात्र पास हुए थे।
इसका मतलब दोनों कक्षाओं में बीते साल के मुकाबले इस बार लगभग 6-7 प्रतिशत कम छात्र पास हुए हैं।
कोरोना वायरस का असर
न्यूजबाइट्स प्लस
कोरोना वायरस महामारी के चलते CBSE का पूरा कैलेंडर गड़बड़ हो गया था। इस बार की परीक्षाएं देरी से हो पाई थीं जिसकी वजह से नतीजे जुलाई के आखिर में जारी हुए और अब छात्रों को ग्रेजुएशन में एडमिशन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब बोर्ड दोबारा अपना कैलेंडर दुरुस्त करने में लगा है ताकि अगले शैक्षणिक सत्र से सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल सकें।