
ट्रंप सरकार के नए टैरिफ ऐलान से भारतीय शेयर बाजार पर क्या पड़ सकता है असर?
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 180 से अधिक देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है।
उन्होंने 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ भी लगाया और भारत पर 26 प्रतिशत का टैरिफ लगाया, जो कि भारत द्वारा अमेरिकी आयात पर लगाए गए शुल्क की आधी दर है।
इसके अलावा, अमेरिका में ऑटोमोबाइल आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया, जिससे भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है। इस फैसले के बाद डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 1.5 प्रतिशत गिरावट आई।
असर
भारतीय शेयर बाजार पर असर
ट्रंप के टैरिफ के कारण भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गिफ्ट निफ्टी में 1.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि IT और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर दबाव रहेगा।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर नहीं होगा, क्योंकि भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष बहुत अधिक नहीं है।
लंबी अवधि में, बाजार इस प्रभाव को समायोजित कर सकता है और स्थिरता वापस आ सकती है।
निर्यात
निर्यात और व्यापार पर प्रभाव
भारत के कुल निर्यात का 1.1 प्रतिशत ही उन क्षेत्रों से आता है, जो टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। अमेरिका को भारत के निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, रत्न-आभूषण और ऑटोमोबाइल प्रमुख हैं।
ट्रंप के टैरिफ से इन सेक्टरों की कंपनियों पर असर पड़ सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते से प्रभाव कम हो सकता है।
चीन, ताइवान और बांग्लादेश पर लगे टैरिफ की तुलना में भारत पर असर सीमित रहेगा।
निवेश
विदेशी निवेश और रुपये पर असर
संरक्षणवादी अमेरिकी नीतियों के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) उभरते बाजारों से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
इसके अलावा, डॉलर मजबूत होने से रुपये पर दबाव बन सकता है, जिससे आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। इससे भारत की विदेशी कर्ज वाली कंपनियों पर असर पड़ेगा।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और इस टैरिफ का असर अधिक समय तक नहीं रहेगा।