
उत्तराखंड सहित इन राज्यों से खरीदे इलेक्ट्रिक वाहन, मिलेगा जबरदस्त सब्सिडी बेनेफिट
क्या है खबर?
गाड़ियों से संबंधित प्रदूषण को कम करने के लिए राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री पर प्रोत्साहन देने में अब उत्तराखंड सरकार भी शामिल हो गई है।
सरकार ने घोषणा की है कि निजी उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले पहले 5,000 दोपहिया और 1,000 चारपहिया वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रोत्साहन दिया जाएगा।
आपको बता दें कि इससे पहले राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार भी इस तरह के प्रोत्साहन का ऐलान कर चुकी हैं।
सब्सिडी बेनेफिट
क्या प्रोत्साहन दे रही उत्तराखंड सरकार?
उत्तराखंड में पहले 5,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर उनकी कीमत का 10 प्रतिशत या 7,500 रुपये, दोनों में से जो भी कम होगा, प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा।
वहीं चार पहिया वाहनों पर प्रोत्साहन के तौर पर पहले 1,000 चारपहिया वाहनों को 50,000 या उनकी कीमत का पांच प्रतिशत, जो भी कम हो दिया जाएगा।
ये प्रोत्साहन राशि बैंकों और डीलरों के माध्यम से बैक-एंडेड सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे।
बेनेफिट
चार्जिंग स्टेशनों पर लगेगा कम सरचार्ज
जो लोग या संस्थाएं उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन खोलना चाहते हैं, उन्हे निगम की अनुमति के बाद खोलने की अनुमति दी जा रही है।
सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगाए जाने वाले पहले 250 चार्जिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक सरचार्ज को दो साल के लिए घरेलू श्रेणी में रखा जाएगा।
इसका मतलब है कि ऐसे स्टेशनों पर दो सालों तक कमर्शियल होने के बावजूद डोमेस्टिक सरचार्ज लगेगा।
जानकारी
राजस्थान में मिल रहा इतना प्रोत्साहन
राजस्थान सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को शुरू किया है।
इसके तहत ग्राहकों से GST का स्टेट कम्पोनेंट (SGST) नहीं लेगी। साथ ही दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों के खरीदारी पर 5,000 से 20,000 रुपये तक की कैश सब्सिडी मिलेगी।
ऑफर अप्रैल, 2021 से लेकर मार्च, 2022 के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने वाले ग्राहकों को मिलेगा और ग्राहकों को सभी सब्सिडी नकद कैश के रूप में दी जाएगी।
जानकारी
गुजरात में मिलेगी 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी
गुजरात में भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है।
यह पॉलिसी अगले चार साल के लिए लागू रहेगी और इसमें सब्सिडी की राशि DBT के जरिए सीधे कस्टमर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत ई-बाइक पर 20,000 रुपये, ई-रिक्शा पर 50,000 रुपये और फोर-व्हीलर्स पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही और इसमें ज्यादातर स्कूटर, बाइक, रिक्शा और ऑटोमोबाइल पर फोकस किया जाएगा।
जानकारी
इन राज्यों में भी मिल रही है सब्सिडी
अन्य राज्यों की बात करें तो सबसे पहले दिल्ली ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की शुरुआत की थी।
दिल्ली सरकार ने अगस्त, 2020 में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की शुरुआत की थी, जिसमें दोपहिया या तीन पहिया वाहनों पर करीब 30,000 रुपये तक सब्सिडी मिल सकती है और चार पहिया वाहन पर यह सब्सिडी डेढ़ लाख रुपये तक हो सकती है।
इसके अलावा महाराष्ट्र ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 2.75 लाख रुपये तक की छूट देने की घोषणा की है।