
गाड़ियों के इतिहास से जुड़ी ये बेहतरीन बातें नहीं जानते होंगे आप
क्या है खबर?
इन दिनों सड़कों पर कारों का होना एक आम बात है। हम खुद ड्राइव करते हों या नहीं, पर कारें आज हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हैं।
यदि आप एक कार लवर हैं तो आप आज बाजार में मौजूद नये कार मॉडल और उनके द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं के बारे में बहुत कुछ जानते होंगे।
लेकिन हमें यकीन है कि अभी भी कारों से जुड़े कुछ दिलचस्प फैक्ट्स हैं जिनके बारे में आपको शायद पता नहीं होगा।
#1
लगभग 190 साल पहले बनी थी पहली इलेक्ट्रिक कार
EV ऑटोमोबाइल उद्योग का नया भविष्य हो सकते हैं। लेकिन लोग जिसे आज नया समझकर इस्तेमाल करना शुरु कर रहे हैं वह तकनीक लगभग 190 वर्षों से हमारे पास है।
रॉबर्ट एंडरसन नामक एक स्कॉटिश आविष्कारक को 1832 में पहला इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का श्रेय जाता है।
उन्होंने एक गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए गैर-रिचार्जेबल सेल और एक इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग किया था।
उनका यह प्रयास लेड-एसिड बैटरी के आविष्कार से भी पहले का है।
#2
दृष्टिहीन व्यक्ति ने किया था क्रूज कंट्रोल का आविष्कार
आधुनिक क्रूज कंट्रोल जैसा कि हम जानते हैं कि इसका आविष्कार राल्फ टीटर नामक व्यक्ति ने किया था।
वर्ष 1950 में इस तकनीक के लिए पेटेंट लिया और इसे स्पीडोस्टैट कहा।
राल्फ दृष्टिहीन थे और वो एक बार अपने वकील के साथ सवारी कर रहे थे, जो उनसे बात करते समय गाड़ी की गति धीमा कर ले रहा था।
इससे राल्फ को इस मुद्दे का हल खोजने के लिए एक उपकरण का बनाने का विचार आया।
जानकारी
कैडिलैक ने दिया इसे क्रूज कंट्रोल नाम
इससे कुछ साल बाद कैडिलैक ने अपनी कार में इस डिवाइस का उपयोग करना शुरू किया और इसे क्रूज कंट्रोल नाम दिया, जिस नाम से आज हम इसे जानते हैं। यह फीचर लॉन्ग ड्राइव पर जाते समय आपकी ड्राइविंग काफी आसान बना देता है।
#3
13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए कटा था पहला तेज रफ्तार चालान
हम आज शहर की सड़कों पर गति सीमा बहुत कम होने की शिकायत करते हैं, लेकिन 1896 में वाल्टर अर्नोल्ड नाम के एक व्यक्ति को पहला तेज रफ्तार चालान 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अर्नोल्ड बेंज कैरिज चलाने के लिए जारी किया गया था।
उन दिनों गति सीमा 3.2 किलोमीटर प्रति घंटा हुआ करती थी।
साथ ही यह भी अनिवार्य था कि एक व्यक्ति को घोड़े रहित गाड़ी के सामने लाल झंडा लहराते हुए चलना पड़ता था।
#4
दुनिया के 130 चक्कर लगाने के बराबर दूरी तय की है इस कार ने
इस कार को एक ही मालिक द्वारा दुनिया की सबसे अधिक किलोमीटर चलने वाली कार का खिताब मिला है।
इसने 52 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की थी। यह दूरी दुनियाभर की 130 यात्राएं करने के बराबर है।
यह उपलब्धि इरविन गॉर्डन ने वोल्वो P1800S में हासिल की थी।
गौरतलब है, वह इसे खरीदने के दो दिनों के भीतर ही लगभग 2,400 किलोमीटर की दूरी तय कर इसे अपनी पहली सर्विस के लिए ले आए थे।
#5
1894 से पहले प्रयोग में नहीं था स्टीयरिंग व्हील
एक समय था जब कारों में गोल स्टीयरिंग व्हील नहीं होते थे, जैसा कि हम आज देखते हैं। इसके बजाय वाहनों को लीवर का उपयोग करके चलाया जाता था।
1894 में अल्फ्रेड वाचरॉन अपनी पैनहार्ड पर पेरिस-रूएन रेस में एक गोल स्टीयरिंग व्हील के साथ देखे जाने वाले पहले व्यक्ति थे।
यह प्रणाली इतनी सफल साबित हुई कि 1800 वीं शताब्दी के अंत तक पैनहार्ड ने अपने सभी मॉडलों को स्टीयरिंग व्हील के बनाना शुरु कर दिया था।