
नई इलेक्ट्रिक बाइक पर काम कर रही है BSA, अगले साल देगी दस्तक
क्या है खबर?
हाल में महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्वामित्व वाली कंपनी क्लासिक लीजेंड्स ने 60 के दशक की ब्रिटेन की सबसे लोकप्रिय बाइक BSA मोटरसाइकिल को फिर से पेश करने की बात कही थी।
अब खबर है कि कंपनी एक इलेक्ट्रिक बाइक पर भी काम कर रही है। इसे अगले साल भारतीय बाजार में लाया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में कंपनी 650cc सेगमेंट में एक नई रेट्रो बाइक लॉन्च करने के लिए तैयार है। आइए, इस बारे में जानते हैं।
जानकारी
ब्रिटेन सरकार दे रही है अनुदान
ब्रिटेन की लोकप्रिय मोटरसाइकिल को फिर से लॉन्च करने के लिए ब्रिटेन सरकार ने क्लासिक लेजेंड्स को 4.6 मिलियन यूरो (लगभग 39.2 करोड़ रुपये) का अनुदान दिया है।
यह अनुदान राशि बैनबरी में सेंटर खोलने के लिए आवश्यक राशि की लगभग आधी है। इससे न सिर्फ इस क्लासिक मोटरसाइकिल को वापस लाया जाएगा बल्कि इससे वहां नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे।
उम्मीद है कि पहला उत्पादन अगले साल के अंत तक शुरू हो जाएगा।
इलेक्ट्रिक बाइक
इलेक्ट्रिक बाइक के बारे में मिली है ये जानकारी
कंपनी के तरफ से इलेक्ट्रिक बाइक के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो इसमें इंटीग्रेटेड डे टाइम रनिंग लाइट्स (DRL), LED टेल लैंप और चौड़े सेट हैंडलबार के साथ एक गोल हेडलैंप शामिल किया जाएगा। साथ ही बाइक के आगे और पीछे चौड़े फेंडर भी देखने मिलेंगे।
कंपनी इसमें लिथियम आयन बैटरी पैक का इस्तेमाल करेगी। यह बाइक फास्ट चार्जिंग तकनीक के साथ आएगी और सिंगल चार्ज में 150 किलोमीटर चलेगी।
अपकमिंग बाइक
कंपनी जल्द लॉन्च करेगी गोल्डस्टार 650 बाइक
BSA गोल्डस्टार 650 बाइक को रेट्रो थीं के साथ पेश किया गया है। इसके पूरे बॉडी पर क्रोम का इस्तेमाल किया गया है जो हेडलैंप से लेकर एग्जॉस्ट पाइप तक दिखाई पड़ते हैं।
मोटरसाइकिल में 650cc सिंगल-सिलेंडर मोटर दिया गया है, जो लगभग 47 hp की पावर और 40Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
नई BSA मोटरसाइकिल के डिजाइन को UK में विकसित किया गया है और इसे भारत के अलावा वहां भी बनाया जाएगा।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
1861 में शुरू की गई बर्मिंघम स्मॉल आर्म्स कंपनी (BSA) को बर्मिंघम में स्थापित किया गया था और कई सालों तक कंपनी ने हथियारों के निर्माण पर फोकस किया था।
कंपनी ने 1910 में मोटरसाइकिलों का उत्पादन शुरू किया और 1960 के दशक के मध्य तक ब्रिटेन की सफल कंपनियों में से एक बन गई थी।
बाद में जापानी निर्माताओं के ग्लोबल मार्केट में प्रवेश से 1972 तक कंपनी दिवालिया हो गई थी।