
भारत के खिलाफ पाक का एक और झूठ, जानिए कब-कब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब हुआ पाक
क्या है खबर?
भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान लगातार झूठ का सहारा ले रहा है। ताजा झूठ पेश किया पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने।
उन्होंने भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बाद मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार को लेकर शुक्रवार को तीन वीडियो टि्वटर पर शेयर किए।
उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की हालत ठीक नहीं है। पुलिस मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है। हालांकि, कुछ देर बाद ही उनका यह झूठ बेनकाब हो गया।
खुली पोल
उत्तर प्रदेश पुलिस ने खोली फर्जी ट्वीट की पोल
उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच के बाद बताया कि वीडियो बांग्लादेश के हैं। इसमें बांग्लादेश की आतंकरोधी ईकाई रैपिड ऐक्शन बटालियन के जवान किसी युवक की धुनाई कर रहे हैं।
सच्चाई सामने आते ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ट्वीट डिलीट कर दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पाक प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'फर्जी खबर ट्वीट करो। पकड़े जाओ। ट्वीट डिलीट करो। फिर से वही काम करो।'
जानिये, पहले कब-कब झूठ बोल चुका है पाकिस्तान।
F-16 विमान का झूठ
भारत के खिलाफ F-16 विमान का इस्तेमाल कर मुकरा पाकिस्तान
बालाकोट एयर स्ट्राइक से बौखलाए पाकिस्तान ने 27 फरवरी, 2019 को अमेरिका से मिले F-16 विमान का भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया था।
भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक विमान को मार गिराया था, लेकिन वह सीमा के दूसरी ओर जाकर क्रैश हुआ।
इस पर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय पर F-16 विमान का इस्तेमाल नहीं करने का झूठ बोला, लेकिन भारत ने इस विमान से दागी गई मिसाइल के मलबे के अवशेष दिखाकर पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी।
पायलट पर झूठ
पाकिस्तान ने बोला दो पायलट पकड़े जाने का झूठ
27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान की ओर से भेजे गए F-16 विमानों को खेदड़ते हुए भारत के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पहुंच गए थे।
पाकिस्तान सेना ने उन्हें पकड़ लिया। पाकिस्तान ने झूठा बोला था कि उसने हमला करने आए 2 भारतीय पायलटों को पकड़ा था।
युद्ध नीति के तहत दोनों पायलटों को छोड़ने की बात आने पर पाकिस्तान अपने दावे से मुकर गया और एक ही पायलट पकड़े जाने की बात स्वीकार कर ली।
ट्रंप से मुलाकात पर झूठ
हाथ मिलाने पर गढ़ दी झूठ की कहानी
पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से अलग लंच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से हाथ मिलाया था।
हाथ मिलने को लेकर कुरैशी ने ऐसा झूठ गढ़ दिया कि बाद में व्हाइट हाउस को उसका खंडन करना पड़ा।
कुरैशी ने कहा था कि उनकी राष्ट्रपति ट्र्म्प से पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर चर्चा हुई है और ट्रंप ने सकारात्मक जवाब दिया है, लेकिन ऐसी कोई बैठक ही नहीं हुई थी।
फर्जी तस्वीर
संयुक्त राष्ट्र में दिखाई थी फर्जी फोटो
सितंबर, 2017 में भी संयुक्त राष्ट्र में राइट टू रिप्लाई में पाकिस्तान की मलीहा लोधी ने कश्मीर में कथित ज्यादतियों का दावा करते हुए एक तस्वीर दिखाई थी, जिसका भारत से कोई संबंध नहीं था।
उस फोटो में एक लड़की का बिगड़ा हुआ चेहरा था। लोधी ने आरोप लगाया कि भारतीय सुरक्षाबलों ने लड़की की ऐसी हालत की थी।
जांच में पता चला कि वह फोटो गाजा शहर के शिफा अस्पताल में 22 जुलाई 2014 को ली गई थी।
दुष्प्रचार की तैयारी
भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए पाकिस्तान ने की युवाओं की भर्ती
भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने व दुष्प्रचार के लिए पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कुछ सोशल मीडिया विशेषज्ञों की भर्ती की है।
जानकारी के अनुसार मेजर जनरल आसिफ गफूर की अध्यक्षता वाले ISPR ने पिछले एक साल में 1,000 से अधिक ऐसे इंटर्न की भर्ती की है।
पाकिस्तान की ओर से उन युवाओं को भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ का जाल बुनने तथा बदनाम करने को कहा जा रहा है।