
AI के क्षेत्र में गूगल 'वायरल' गेम में क्यों OpenAI से रह जाती है पीछे?
क्या है खबर?
गूगल के पास बेहतरीन AI तकनीक है, लेकिन OpenAI और डीपसीक जैसी कंपनियों की तरह यह वायरल चर्चा नहीं बना पाती।
OpenAI ने घिबली ट्रेंड से लोकप्रियता हासिल की, जबकि गूगल की AI प्रगति उतनी चर्चा नहीं बटोर पाई। OpenAI अपने AI को रोमांचक और यूजर्स के अनुकूल तरीके से पेश करती है, जबकि गूगल का दृष्टिकोण ज्यादा तकनीकी और गंभीर लगती है।
गूगल की AI तकनीक शक्तिशाली होने के बावजूद, वह जनता के बीच उतनी लोकप्रिय नहीं हो पाती।
मार्केटिंग
गूगल की AI तकनीक और कमजोर मार्केटिंग
गूगल के डीपमाइंड ने अल्फाफोल्ड और जेमिनी जैसे शक्तिशाली AI मॉडल बनाए हैं, लेकिन इनकी मार्केटिंग सीमित रही है। गूगल का जेमिनी 2.5 प्रो मॉडल मेमोरी और संदर्भ समझ में GPT-4 से बेहतर है।
OpenAI अपने AI टूल्स को मनोरंजक और आकर्षक तरीके से पेश करता है, जिससे लोग उसे अपनाने और साझा करने के लिए उत्साहित होते हैं। गूगल को अपने AI को अधिक संवादात्मक और रोमांचक तरीके से पेश करने की जरूरत है।
रणनीति
गूगल की रणनीति और संभावित सुधार
गूगल का AI ज्यादा एंटरप्राइज उपयोग के लिए तैयार किया गया है, जबकि OpenAI इसे आम लोगों के लिए सुलभ बनाती है।
OpenAI के AI टूल्स, जैसे घिबली, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रासंगिकता से भरे होते हैं। गूगल को अपनी मार्केटिंग रणनीति बदलनी होगी, ताकि उसके AI टूल्स अधिक लोकप्रिय बनें।
उसे जेमिनी और अन्य AI उत्पादों को ऐसे पेश करना होगा कि वे न केवल उपयोगी बल्कि रोमांचक भी लगें, जिससे वे सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकें।
संभावना
क्या गूगल AI में बढ़त बना सकती है?
गूगल के पास संसाधन और तकनीक दोनों हैं, लेकिन उसे अपनी रणनीति बदलनी होगी।
अगर वह अपने AI टूल्स को ज्यादा दिलचस्प और इंटरैक्टिव तरीके से पेश करे, तो वह भी OpenAI जैसी लोकप्रियता हासिल कर सकता है।
ऐसा लगता है कि गूगल धीमी लेकिन स्थिर गति से आगे बढ़ रही है, जबकि अन्य कंपनियां चर्चा में बनी हुई हैं। अगर गूगल अपनी रणनीति सही बनाती है, तो वह भविष्य में AI क्षेत्र में सबसे आगे आ सकती है।