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अनएकेडमी का डाटाबेस लीक, डार्क वेब पर बिक रही 2.2 करोड़ यूजर्स की जानकारी

अनएकेडमी का डाटाबेस लीक, डार्क वेब पर बिक रही 2.2 करोड़ यूजर्स की जानकारी

May 07, 2020
03:37 pm

क्या है खबर?

अगर आप डिजिटल स्टडी प्लेटफॉर्म अनएकेडमी के यूजर हैं तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, कंपनी के 2.2 करोड़ यूजर्स का डाटाबेस लीक हुआ है और यह डार्कवेब पर बेचा जा रहा है। डाटाबेस में विप्रो, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, गूगल और इसके निवेशक फेसबुक के कर्मचारियों के कॉन्टैक्ट भी हैं। अमेरिकी साइबर सिक्योरी कंपनी साइबल ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह डाटा जनवरी में लीक हुआ था और इसे बेचा जा रहा है।

जानकारी

डाटाबेस में शामिल हैं ये जानकारियां

साइबल ने बताया कि इस डाटाबेस में यूजर का नाम, ईमेल एड्रेस, पासवर्ड्स, प्लेटफॉर्म ज्वॉइन करने की तारीख, आखिरी बार लॉग-इन कब किया था, पहला और आखिरी नाम, अकाउंट प्रोफाइल और अकाउंट स्टेटस शामिल हैं।

बयान

अनएकेडमी ने भी स्वीकारी डाटा लीक की बात

अनएकेडमी ने भी डाटा लीक होने की बात स्वीकार की है। इकॉनोमिक टाइम्स से बात करते हुए अनएकेडमी के को-फाउंडर और CTO हेमेश सिंह ने कहा कि रिपोर्ट में बताए गए 2.2 करोड़ यूजर्स के डाटा लीक होने की जगह केवल 1.1 करोड़ यूजर्स का ईमेल डाटा लीक हुआ है। उन्होंने कहा, "हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और हमारे यूजर्स को भरोसा देते हैं कि फाइनेंशियल डाटा या लोकेशन जैसी कोई संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है।"

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बयान

डाटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी प्रोटेक्शन हमारी पहली प्राथमिकता- सिंह

सिंह ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद डाटा की सिक्योरिटी के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "हमारे लिए यूजर्स की डाटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी प्रोटेक्शन सर्वात्तम है और हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कोई संवेदनशील जानकारी लीक न हो। हम उत्तम दर्जे की सिक्योरिटी इस्तेमाल करते हैं, जिससे किसी के लिए भी पासवर्ड डिक्रिप्ट कर पाना संभव नहीं है। हम यूजर्स को अतिरिक्त सिक्योरिटी देने के लिए OTP बेस्ड लॉग-इन सिस्टम का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।"

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ऐहतियात

यूजर्स को तुरंत पासवर्ड बदलने की सलाह

यह बात गौर करने वाली है कि हाल ही में अनएकेडमी ने F सीरीज की फंडिंग पूरी की है। इसमें फेसबुक, जनरल अटालांटिक और स्केविया जैसी कंपनियों ने 110 मिलियन डॉलर (लगभग 835 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। साइबल ने बताया कि हैकर्स डार्क वेब पर फिलहाल यूजर रिकॉर्ड्स की सेल कर रहे हैं और उनके पास और ज्यादा जानकारी हो सकती है। कंपनी ने अनएकेडमी के यूजर्स और एजुकेटर्स से तुरंत पासवर्ड बदलने को कहा है।

डार्क वेब

क्या होती है डार्क वेब, जहां बिक रहा अनएकेडमी यूजर्स का डाटा?

डार्क वेब इंटरनेट का वो हिस्सा है, जो सर्च इंजन पर इंडेक्स नहीं है यानी साधारण यूजर इसे एक्सेस नहीं कर पाएगा। इसे एक्सेस करने के लिए अलग ब्राउजर की जरूरत होती है। यहां पर क्रेडिट कार्ड नंबर, सभी प्रकार की ड्रग्स, नकली पैसे, चुराया गया डाटा, हैक किए सोशल मीडिया अकाउंट आदि आसानी से उपलब्ध होते हैं। हालांकि, यहां मौजूद जानकारियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। डार्क वेब पर लेनदेन के लिए अधिकतर क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल होता है।

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