
जूम से मुकाबले के लिए जियो लाएगी नया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म जियो मीट
क्या है खबर?
रिलायंस जियो अपने नए प्लेटफॉर्म जियो मीट (JioMeet) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप के क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रही है। गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने इसकी जानकारी दी।
जियो मीट पहले से मौजूद गूगल मीट, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और जूम ऐसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप को टक्कर देगा।
हालांकि, यह पूरी तरह से नया नहीं होगा। कंपनी पहले भी ऐसी ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म ला चुकी है।
आइये, इस संबंध में विस्तार से जानते हैं।
जानकारी
लॉकडाउन के कारण बढ़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप की मांग
दुनियाभर में जारी लॉकडाउन के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप की मांग बढ़ी है। भारत सरकार ने भी एक चैलेंज शुरू किया है, जिसके तहत जूम जैसी ऐप बनाने वाली टीम को एक करोड़ रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
जियो मीट
जियो मीट पर मिलेगा HD एक्सपीरिएंस
जियो ने बताया कि जियो मीट एंड्रॉयड, iOS, विंडोज और macOS डिवाइस पर उपलब्ध होगा। यह प्लग-इन के जरिये आउटलुक, गूगल क्रॉम और मोजिला फायरफॉक्स पर भी एक्सेस किया जा सकेगा।
कहा जा रहा है कि इस प्लेटफॉर्म पर यूजर को HD क्वालिटी एक्सपीरिएंस मिलेगा। यूजर्स ईमेल आईडी और पासवर्ड इस्तेमाल कर बतौर गेस्ट किसी वर्चुअल मीटिंग में शामिल हो सकेंगे।
https://jiomeet.jio.com/ वेबसाइट पर जाने पर 'थैंक्स फॉर योर इंटरेस्ट इन जियो मीट' लिखा दिख रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
पहले ये प्लेटफॉर्म ला चुकी है जियो
यह पहली बार नहीं है जब जियो किसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म के साथ आ रही है।
कंपनी ने पहले ऐसा ही कुछ अपनी जियोचैट ऐप में लॉन्च किया था। पिछले साल कंपनी जियो ग्रुप टॉक ऐप लेकर आई थी।
हालांकि, ये दोनों ही ऐप कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई।
अब एक बार फिर कंपनी जियो मीट के जरिये अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है, जहां उसका मुकाबला जूम, गूगल मीट और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स जैसे प्लेटफॉर्म से होगा।
जानकारी
लॉन्चिंग डेट के बारे में अभी तक जानकारी नहीं
हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि जियो मीट को कब तक लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि पहले चुनिंदा यूजर्स को उपलब्ध कराया जाएगा और उसके बाद सभी यूजर्स के लिए यह उपलब्ध होगा।
जूम
जूम को असुरक्षित प्लेटफॉर्म बताकर सरकार ने लगाई थी रोक
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान तेजी से लोकप्रिय हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जूम को असुरक्षित बताकर इसके आधिकारिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने कहा था कि यह ऐप साइबर हमलों से बचाव कर पाने में असक्षम है और इससे संवेदनशील जानकारियां लीक होने का खतरा भी है।
हालांकि, सरकार ने प्राइवेट संस्थाओं और यूजर्स को जूम इस्तेमाल करने से नहीं रोका, लेकिन सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों द्वारा इसके आधिकारिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।