
गूगल पिक्सल स्मार्टफोन्स खुद रिपेयर कर पाएंगे यूजर्स, कंपनी लाई खास प्रोग्राम
क्या है खबर?
गूगल पिक्सल स्मार्टफोन यूजर्स को हार्डवेयर से जुड़ी परेशानी के लिए अब सर्विंस सेंटर के चक्कर नहीं काटने होंगे।
कंपनी अपने ग्राहकों के लिए सेल्फ-रिपेयर का विकल्प लेकर आई है।
यानी कि अगर आपके पास गूगल पिक्सल स्मार्टफोन है, तो आप डैमेज हुआ स्मार्टफोन पार्ट सीधे कंपनी से मंगा सकेंगे।
आपको बता दें, गूगल से पहले साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग भी ऐसा प्रोग्राम अपने ग्राहकों के लिए लेकर आई है।
प्रोग्राम
चुनिंदा देशों में शुरू किया गया प्रोग्राम
गूगल का कहना है कि यूजर्स पिक्सल 2 से लेकर लेटेस्ट पिक्सल 6 प्रो तक अपने फोन के लिए बैटरी, कैमरा और स्क्रीन रिप्लेसमेंट्स जैसे पार्ट्स अपने पते पर मंगा सकेंगे।
सेल्फ-रिपेयर प्रोग्राम का फायदा पिक्सल यूजर्स को अमेरिका, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपियन यूनियन के कुछ देशों में मिलेगा।
यूजर्स अलग-अलग पार्ट्स खरीदने के अलावा इन्हें रिपेयर किट के साथ बंडल भी कर सकेंगे, जिसमें स्क्रू-ड्राइवर, नट्स और स्पजर्स शामिल होंगे।
शुरुआत
बढ़ाया जाएगा सेल्फ-रिपेयर प्रोग्राम
माना जा रहा है कि अभी गूगल के सेल्फ-रिपेयर प्रोग्राम की शुरुआत भर हुई है।
कंपनी की योजना रिपेयर किट्स की उपलब्धता दूसरे पार्टनर्स के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा यूजर्स के लिए बढ़ाने की है।
देखना होगा कि गूगल यह प्रोग्राम भारत जैसे देशों में लाती है या नहीं, जहां शुरुआती पिक्सल फोन्स के अलावा गूगल पिक्सल 4a जैसे अफॉर्डेबल मॉडल्स मार्केट में उपलब्ध हैं।
कंपनी अपने फ्लैगशिप मॉडल्स की बिक्री भारत में नहीं कर रही है।
जानकारी
सामने नहीं आई पार्ट्स की कीमत
गूगल ने पिक्सल स्मार्टफोन के पार्ट्स की कीमत अब तक नहीं बताई है। यानी कि शिपिंग कॉस्ट के अलावा ग्राहकों को सेल्फ-रिपेयर के लिए कितना भुगतान करना होगा, साफ नहीं है। कंपनी जल्द इसकी जानकारी वेबसाइट पर दे सकती है।
सैमसंग
सैमसंग भी दे रही है ऐसे प्रोग्राम का फायदा
गूगल की ओर से नए प्रोग्राम की घोषणा करने से पहले सैमसंग भी ऐसी ही शुरुआत ग्राहकों के लिए कर चुकी है।
सैमसंग ने इस प्रोग्राम के लिए i-फिक्सिट के साथ पार्टनरशिप की है, जो कंपनी डिवाइसेज के पार्ट्स और कंपोनेंट्स ग्राहकों तक पहुंचाएगी।
इसके अलावा सैमसंग बदले में डैमेज हुए फोन के पार्ट्स वापस भी लेगी।
सैमसंग और गूगल दोनों ने ही बढ़ते ई-वेस्ट को कम करने के लिए ये प्रोग्राम्स लॉन्च किए हैं।
न्यूजबाइट्स प्लस
समझें सेल्फ-रिपेयर का मतलब
स्मार्टफोन खराब होने की स्थिति में यूजर्स को आधिकारिक सर्विस सेंटर पर जाना पड़ता है।
बाहर मार्केट से फोन रिपेयर करवाने या फिर खुद रिपेयर करने जैसी स्थिति में फोन के पार्ट्स ओरिजनल नहीं होते।
सेल्फ-रिपेयर यानी कि खुद स्मार्टफोन रिपेयर करने के लिए अब कंपनियां ओरिजनल पार्ट्स ग्राहकों को भेज रही हैं।
इस तरह उन्हें सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और नकली पार्ट्स फोन में लगने का डर नहीं होता।
जानकारी
इसका उल्टा कर रही है ऐपल
अपने आईफोन्स की क्वॉलिटी बरकरार रखने के लिए ऐपल सेल्फ-रिपेयर का उल्टा कर रही है और इसके एक डिवाइस के पार्ट्स भी दूसरे में नहीं इस्तेमाल किए जा सकते। यूजर्स इसे लेकर नाराजगी भी जताते रहे हैं।