
लोकसभा चुनावः प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मैदान में हैं किसानों से लेकर वैज्ञानिकों तक 25 उम्मीदवार
क्या है खबर?
वाराणसी से चुनाव लड़ रहे प्रधानमंत्री मोदी के लिए जीत की राह काफी आसान लग रही है।
उनके सामने खड़े उम्मीदवार में से कोई भी ऐसा चेहरा नहीं है जो नरेंद्र मोदी को टक्कर दे सके।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि उनके सामने उम्मीदवारों की कमी है। प्रधानमंत्री मोदी के सामने इस बार कुल 25 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
इनमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, बिहार और केरल से आए लोग शामिल है।
डाटा
वाराणसी में 19 मई को चुनाव
उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट पर लोकसभा चुनवों के अंतिम चरण के तहत 19 मई को चुनाव होने हैं। लगभग 18 लाख वोटर्स वाली इस सीट पर लोकसभा चुनाव 2014 में 58.31% मतदान हुआ था।
चुनावी प्रत्याशी
पिछले साल मोदी के सामने थे 41 उम्मीदवार
पिछले लोकसभा चुनावों में बनारस से 41 लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
इस बार यह संख्या घटकर 25 हो गई है। इन उम्मीदवारों में कांग्रेस के अजय राय और सपा-बसपा की संयुक्त प्रत्याशी शालिनी यादव शामिल हैं।
इनके अलावा गांधी के भेष में प्रचार कर रहे स्वतंत्र प्रत्याशी महाराष्ट्र के किसान मनोहर आनंद राव पाटिल और आंध्र प्रदेश के मानव विश्वमानव बढ़ते भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दों की तरफ देश का ध्यान खींचना चाहते हैं।
जानकारी
पूर्व ओलंपियन की बेटी भी मैदान में
दिवंगत ओलंपियन मोहम्मद शाहिद की बेटी हिना शाहिद मोदी के सामने मैदान में हैं। उन्होंने कहा, "मैं संसद पहुंचकर महिलाओं के मुद्दे उठाना चाहती हूं। मुझे पता है कि मैं जीत नहीं सकती। मोदी मजबूत उम्मीदवार हैं यह सोचकर किसी को घर नहीं बैठना चाहिए।"
चुनाव
कृषि विज्ञानी और सामाजिक कार्यकर्ता भी लड़ रहे चुनाव
छत्तीसगढ़ के रायपुर के मनीष श्रीवास्तव भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए वाराणसी आए हैं।
उनका कहना है कि सरकार को अपने कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना जरूरी कर देना चाहिए। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे इन क्षेत्रों की हालत सुधरेगी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
दूसरे उम्मीदवारों में कृषि वैज्ञानिक और समाजसेवी भी शामिल हैं।
पिछला चुनाव
2014 में मोदी से हारे थे केजरीवाल
अजय राय 2014 में बनारस से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में अजय तीसरे स्थान पर रहे थे।
इन चुनावों में नरेंद्र मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे आम आदमी पार्टी के संजोयक अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 और तीसरे स्थान पर रहे अजय को महज 75,614 वोट मिले थे।
प्रधानमंत्री मोदी और अजय राय को मिले वोटों के बीच 5 लाख से ज्यादा का अंतर था।
तेज बहादुर यादव
तेज बहादुर का नामांकन हुआ रद्द
BSF के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव भी मोदी के सामने चुनावी मैदान में थे।
तेज बहादुर ने मोदी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हेें अपना समर्थन दे दिया था। हालांकि, उनका नामांकन नामंजूर कर दिया था।
इसे लेकर तेज बहादुर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को रद्द कर दिया था।