
जम्मू और कश्मीर: कारगिल जाएं तो वहां इन 5 जगहों का जरूर करें रुख
क्या है खबर?
जम्मू और कश्मीर का शहर कारगिल अपनी ऐतिहासिक घटनाओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है।
यह स्थान भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान चर्चा में आया था और आज भी यहां की वीरता की कहानियां सुनाई देती हैं।
कारगिल की यात्रा आपको हिमालय की गोद में बसे इस खूबसूरत स्थान की संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराएगी।
यहां के पहाड़ों पर बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण मन को शांति प्रदान करते हैं।
#1
द्रास वॉर मेमोरियल
द्रास वॉर मेमोरियल कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को समर्पित एक स्मारक है।
यह स्थल उन बहादुर जवानों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। यहां पर्यटक वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।
स्मारक पर शहीदों के नाम अंकित हैं, जो उनके बलिदान को अमर बनाते हैं। यहां एक संग्रहालय भी है, जहां युद्ध से संबंधित वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।
#2
मुलबेक मठ
मुलबेक मठ कारगिल से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित एक प्राचीन बौद्ध मठ है, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
इस मठ में भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थापित है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं।
मुलबेक मठ लद्दाखी संस्कृति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां आप बौद्ध धर्मग्रंथों और चित्रकारी का अध्ययन कर सकते हैं। यहां आने वाले पर्यटक ध्यान साधना करके मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।
#3
सुरु घाटी
सुरु घाटी कारगिल जिले में स्थित एक खूबसूरत घाटी है, जो अपने हरे-भरे मैदानों, ऊंचे पहाड़ों और बहती नदियों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है।
यह स्थान ट्रैकिंग करने वालों के बीच बेहद लोकप्रिय है क्योंकि यहां कई ट्रैकिंग रूट्स उपलब्ध हैं जिनसे होकर आप हिमालयन वन्यजीव अभयारण्य तक पहुंच सकते हैं।
सुरु घाटी में कैंपिंग करना भी एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है जहां आप तारों भरी रातें बिताकर प्रकृति से जुड़ाव महसूस करेंगे।
#4
पनामिक गांव
पनामिक गांव लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक छोटा सा गांव है, जो अपने गर्म पानी के झरनों (हॉट स्प्रिंग्स) के लिए मशहूर है।
ये झरने खनिज तत्वों से भरपूर होते हैं, जिनमें स्नान करने से त्वचा संबंधी समस्याओं में राहत मिलती बताई जाती है।
पनामिक गांव नुब्रा घाटी का हिस्सा होने के कारण इसकी प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है जहां चारों ओर फैले पर्वत श्रृंखलाएं मन मोह लेती हैं।
#5
रंगडुम मोनेस्ट्री
कारगिल जिले में स्थित रंगडुम मोनेस्ट्री तिब्बती बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है।
यह मोनेस्ट्री समुद्र तल से लगभग 4000 मीटर ऊंचाई पर स्थित होने कारण इसे पहुंचना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता, लेकिन इसका दृश्य अत्यंत मनोरम होता।
रंगडुम मोनेस्ट्री आसपास फैली हुई पर्वत श्रृंखलाओं और हरियाली बीच स्थापित होने कारण इसे आध्यात्मिकता और मानसिक शांति प्राप्त करने हेतु आदर्श स्थल माना गया ।