
गर्मियों में अस्थमा और त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है यह फल, जानें अन्य फ़ायदे
क्या है खबर?
गर्मियों में तरह-तरह के फल देखने को मिलते हैं। अक्सर आपने कई तरह के जंगली फल देखे होंगे, इन्ही में से एक है काफल, जो गर्मियों के मौसम में ही उगता है।
यह फल खाने में खट्टा-मीठा और दिखने में ब्लूबेरी जैसा होता है। इसके सेवन से एनीमिया, अस्थमा, दस्त, जुकाम-बुखार और यकृत संबंधी बीमारियाँ दूर होती हैं।
इंफ़्लेमेटरी तत्व से भरपूर इसकी छाल कैंसर का भी इलाज कर सकती है।
आइए जानें इसके अनोखे फ़ायदे।
स्थान
इन जगहों पर पाया जाता है यह अनोखा फल
काफल मई-जून के महीने में गहरे जंगली क्षेत्रों में उगता है। नेपाल और उत्तरी भारत में पाए जाने वाले इस फल को गाँवों में रहने वाले लोग तोड़कर लाते हैं और पास के शहर में बेचते हैं।
काफल का निर्यात दूसरे शहरों में इसलिए नहीं होता है, क्योंकि पेड़ से गिरने के बाद यह जल्दी ख़राब हो जाता है।
सुंदर दिखने वाले इस फल को 'म्यारिका नागी' के नाम से भी जानते है। संस्कृत में इसे 'कटफला' कहा जाता है।
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पेट और दिमाग के लिए फ़ायदेमंद
काफल एक रसीला फल है, इस वजह से यह पेट के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। इसके सेवन से अल्सर, क़ब्ज़, पेट में गैस और एसिडीटी जैसी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है।
इसके अलावा काफल में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-डिप्रेशंट तत्व भी पाए जाते हैं, इस वजह से यह दिमाग से जुड़ी बीमारियों के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। यह बच्चों के दिमाग के विकास के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है।
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सिरदर्द और दाँत के दर्द से आराम दिलाए
तेज़ सिरदर्द हो तो इसके पेड़ की छाल को केवल सूँघने से सिरदर्द और जुकाम में आराम मिलता है। इसके अलावा बाज़ार में मिलने वाले काफल के तेल से भी सिर की मालिश कर सकते हैं।
दाँत के दर्द में काफल का पत्ता कई तरह से फ़ायदेमंद होता है। दर्द होने पर काफल का पत्ता चबाएँ, इससे जल्द आराम मिल जाएगा। इसके अलावा काफल के तेल को रुई में लगाकर दाँतों पर लगाने से भी आराम मिलता है।
जानकारी
स्किन टैनिंग से छुटकारा
गर्मियों में तेज़ धूप की वजह से स्किन टैन होने के साथ ही किल मुहाँसों की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में काफल के पत्तों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से टैनिंग और अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है।