
माता-पिता अपने बच्चों का इन तरीकों से बढ़ाएं आत्मविश्वास
क्या है खबर?
अगर बात बॉलीवुड हस्तियों के बच्चों की करें तो वे अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताते और उन्हें पूरा स्पेस देते नजर आते हैं ताकि वे स्वाभाविक तरीके से जीना सीख सकें।
खैर मशहूर हस्तियां हों या आम अभिभावक, सभी अपने बच्चों को आत्मविश्वास से भरपूर देखना चाहते हैं।
अगर आप इस बारे में गंभीरता से सोच रहे हैं तो आइए जानें कुछ ऐसे तरीके, जिससे आप अपने बच्चे को आत्मविश्वास से भरपूर बना सकते हैं।
#1
बच्चों को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें सिखाएं
अक्सर माता-पिता बच्चों की शरारतों पर उन्हें खूब डांट देते हैं जो गलत है।
बच्चे में आत्मविश्वास भरने के लिए उन्हें बहुत ज्यादा डांटने से बचें और तरह-तरह के काम सिखाने में उनकी मदद करें।
इसका अर्थ यह है कि आपका काम बच्चे को सपोर्ट करना है ताकि उनका विकास सही से हो सके।
अगर आप बच्चे के साथ किसी भी तरह की क्रिएटिव क्रिया में शामिल होंगे तो वह जल्दी सीखेगें कि काम किस तरह से किया जाता है।
#2
बच्चों पर न डालें किसी भी तरह का दबाव
जब तक बहुत जरूरी न हो बच्चों को किसी भी काम में अति निपूर्ण के स्तर तक जाने के लिए दबाव न डालें।
बच्चों को बात-बात पर टोकने से उनका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है और वह सही तरीके से सीख नहीं पाता।
इसलिए जरूरी है कि बच्चों को प्यार से हर बात समझाने की कोशिश करें कि क्या गलत है और क्या सही। इससे बच्चे काफी चीजों को खुद से समझने में सक्षम हो जाएंगे।
#3
आसानी से पूरे हो जाने वाले काम बच्चे को दें
बच्चे को छोटे-छोटे आसानी से पूरे होने वाले काम दें जैसे बिस्तर ठीक करना, खिलौने व्यवस्थित करना, पौधों में पानी देने आदि।
बच्चों को पहले खुद ये काम करके दिखाएं, फिर उनसे करवाएं।
जब बच्चे इस तरह के काम पूरे कर लेते हैं तो उनमें नए-नए काम खुद से कर लेने का हौसला जगता है।
साथ ही बच्चे इस बात को लेकर भी आश्वस्त रहते हैं कि किसी भी मुश्किल में पड़ने पर आप उनकी मदद के लिए तैयार हैं।
#4
मदद करने के चक्कर में बच्चों से सीखने का मौका न छीनें
अगर आपके बच्चे को स्कूल से कोई प्रोजेक्ट बनाने को मिला है। तो आप बच्चे की थोड़ी मदद कर सकते हैं।
लेकिन प्रोजेक्ट को अगर आप अपने हिसाब से मापने लगेंगे और उसे बनाने में खुद ही लग जाएं तो बच्चा कुछ सीख नहीं पाएगा।
हो सकता है कि उस प्रोजेक्ट के लिए बच्चे को स्कूल में वाहवाही मिले, लेकिन इससे बच्चा आत्मनिर्भर होना नहीं सीख पाएगा। ऐसे में बच्चे को खुद प्रयास करने दें।