
कोरोना वायरस से मुक्त लक्षद्वीप में खुले स्कूल, कक्षाओं में लौटे लगभग 11,000 छात्र
क्या है खबर?
अब तक कोरोना वायरस की चपेट से दूर केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में स्कूल पूरी तरह खुल गए हैं।
यहां मंगलवार से पहली से पांचवी कक्षा तक के छात्र भी स्कूल आना शुरू हो गए हैं। इस अकादमिक वर्ष में मंगलवार को पहली बार इन छात्रों के लिए स्कूल खुले हैं।
भारत में लक्षद्वीप एकमात्र ऐसी जगह है, जहां कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं है।
आइये, यह पूरी खबर जानते हैं।
लक्षद्वीप
स्कूलों में लौटने लगे 11,000 छात्र
लक्षद्वीप में 21 सितंबर से छठी से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खुल गए थे।
उसके बाद प्रशासक दिनेश्वर शर्मा ने शिक्षा विभाग, स्थानीय नेताओं और अभिभावकों के साथ बैठक के बाद पहली से पांचवी कक्षा तक के लिए स्कूल खोलने का फैसला किया है।
इस फैसले के साथ ही द्वीप समूहों के 11,000 से ज्यादा छात्र स्कूलों में लौटने लगे हैं। प्री-स्कूल छात्रों के लिए अभी कक्षाएं शुरू करने का फैसला नहीं किया गया है।
सावधानी
संक्रमण से बचाव के लिए बरती जा रही पूरी सावधानी
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अमिनी द्वीप समूह के सरकारी स्कूल के अध्यापक ने कहा कि उनके स्कूल में पहली से पांचवी कक्षा तक 126 छात्र हैं और लगभग सभी कक्षाओं में लौटने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। हर किसी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है और छात्रों को कक्षा में आने से पहले हाथ धोने अनिवार्य है। एक बेंच पर केवल दो छात्र बैठ सकते हैं।
बयान
कमजोर इंटरनेट के कारण ऑनलाइन क्लासेस में हो रही थी परेशानी
हालांकि, सभी छात्रों को एक साथ स्कूल में नहीं बुलाया जा रहा है।
एक दिन दूसरी और चौथी के छात्र और दूसरे दिन बाकी कक्षाओं के छात्र स्कूल आते हैं। इस तरह हर छात्र हफ्ते में तीन दिन स्कूल आ रहा है।
उन्होंने स्कूल खुलने के फैसले को छात्रों के लिए अच्छा कदम बताया है। उनका कहना है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी में परेशानी के कारण छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस लगाने में दिक्कत हो रही थी।
व्यवस्था
मिडडे मील की जगह छात्रों के घर पहुंचाया जा रहा राशन
लक्षद्वीप शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि छात्रों को अभिभावकों से मंजूरी लेकर स्कूल आना होता है। स्कूल में पकाए गए मिडडे मील की जगह छात्रों के घर पर चावल और दाल आदि सामान दिया जा रहा है।
वहीं एक प्रिंसिपल ने बताया कि कई अभिभावक छोटे बच्चों के मास्क पहनने को लेकर चिंतित हैं। इसे देखते हुए उन्होंने ऐसे बच्चों को स्कूल न आने को कहा है, जिन्हें सांस से जुड़ी कोई परेशानी है।
ऐहतियात
लक्षद्वीप ने अपने आप को महामारी से कैसे बचाया?
लगभग 64,000 की आबादी वाला लक्षद्वीप कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अभी तक पूरी तरह सफल रहा है।
यहां प्रशासन ने ऐहतियात बरतते हुए समय से तैयारी शुरू कर दी थी।
बाहर से यहां आने वाले हर व्यक्ति का टेस्ट किया जा रहा है और क्वारंटाइन को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। देश में लॉकडाउन लागू होने से पहले ही प्रशासन ने पर्यटकों के लिए हवाई पट्टियां और बंदरगाह बंद कर दिए थे।