
भारत में महिलाओं से 2.6 गुना ज्यादा पुरुषों ने की आत्महत्या, रिपोर्ट में खुलासा
क्या है खबर?
भारत में पिछले 7 साल में पुरुषों में आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। 2014 की तुलना में 2021 में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की आत्महत्या के आंकड़े का अनुपात बढ़कर 2.64 गुना हो गया है।
द लैंसेट रीजनल हेल्थ की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में 42,521 महिलाओं की तुलना में 89,129 पुरुषों ने आत्महत्या की थी, वहीं 2021 में 45,026 महिलाओं के मुकाबले 1,18,979 पुरुषों की मौत आत्महत्या से हुई।
आत्महत्या
विवाहित पुरुषों में आंकड़े और चिंताजनक
रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 से 2021 के बीच महिलाओं की तुलना में पुरुष आत्महत्या के मामलों में 33.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अगर विवाहित पुरुषों की बात की जाए तो यह स्थिति और चिंताजनक है। 2021 में विवाहित पुरुषों में आत्महत्या मृत्यु दर प्रति 1 लाख लोगों पर 24.3 दर्ज की गई, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 8.4 रहा।
अध्ययन के निष्कर्ष राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों से निकाले गए हैं।
कारण
क्यों हो रही इतनी आत्महत्याएं?
रिपोर्ट में भारत में आत्महत्या के बदलते पैटर्न का अध्ययन किया गया। इस दौरान पता चला कि पुरुषों की आत्महत्या के पीछे पारिवारिक समस्याएं और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें 2 चीजें प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
आत्महत्या की दर 30-44 वर्ष की आयु वर्ग के पुरुषों में सबसे अधिक 27.2 है। 18-29 साल आयु वर्ग के बीच 2014 में यह आंकड़ा 20 था, जो 5.6 की बढ़ोतरी के साथ अब 25.6 हो गया है।
जानकारी
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