
भारत ने किया अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित कंपनियों का बचाव, कहा- नहीं किया कानूनों का उल्लंघन
क्या है खबर?
अमेरिका की ओर से भारत की 19 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के मामले में विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है।
मंत्रालय ने कहा कि ये कंपनियों भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं कर रही है और वह मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
बता दें कि अमेरिका ने रूस को सामग्री और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करने के आरोप में 19 भारतीय कंपनियों और 2 व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
बचाव
विदेश मंत्रालय ने किया भारतीय कंपनियों का बचाव
प्रतिबंधित कंपनियों का बचाव करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमारी समझ यह है कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित कंपनियां भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करती हैं। भारत के पास रणनीतिक व्यापार और अप्रसार नियंत्रण पर एक मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है।"
उन्होंने कहा, "हम प्रतिबंधित कंपनियों से जुड़े विभागों के साथ समन्वय कर रहे हैं। ताकि कंपनियों को निर्यात से संबंधित नियमों के बारे में जागरूक किया जा सके।"
प्रतिबंध
अमेरिका ने भारतीय कंपनियों पर क्यों लगाया प्रतिबंध?
अमेरिका ने भारत की 19 कंपनियों सहित लगभग 300 कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया है।
अमेरिका का दावा है कि इन कंपनियों ने रूसी सेना को सहायता प्रदान करने वाले उत्पादों की आपूर्ति की है। यह प्रतिबंध अमेरिकी ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा लगाया गया है।
प्रतिबंध लगाने के आदेश में इन कंपनियों को 'तीसरे देश के समर्थक' के रूप में चिन्हित किया है। हालांकि, रूस की सहायता में इन कंपनियों की भागीदारी का स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
असर
प्रतिबंध से इन कंपनियों पर पड़ा असर
अमेरिका के प्रतिबंध लगाने से असेंड एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मास्क ट्रांस, TSMD ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और फुटरेवो जैसी कंपनियों के व्यापार पर असर पड़ा है।
इसका कारण है कि ये कंपनियां कथित तौर पर रूसी संस्थाओं को दोहरे उपयोग वाले सामानों की आपूर्ति करती थीं।
इसी तरह डिजिटल कियोस्क की आपूर्ति करने वाली डेनवास सर्विसेज रूसी नागरिक निदेशक और शेयरधारक के रूप में सूचीबद्ध हैं। ऐसे में इसका व्यापार भी बाधित हुआ है।
चिंता
प्रतिबंधित भारतीय कंपनियों ने व्यक्त की चिंता
श्रीजी इम्पेक्स और TSMD ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड सहित प्रतिबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर असमंजस में हैं।
श्रीजी इम्पेक्स के प्रवीण त्यागी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि ये प्रतिबंध हम पर क्यों थोपे गए हैं।"
TSMD ग्लोबल के राहुल कुमार सिंह ने कहा, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि अमेरिका ने कंपनी पर प्रतिबंध क्यों लगाया है।"
हालांकि, कई कंपनियों के रूसी बाजार में कारोबार करने से उन पर प्रतिबंध का असर नहीं होगा।