
भारत में दो हफ्ते बढ़ाया गया लॉकडाउन, ग्रीन और ऑरेंज जोन में मिलेगी छूट
क्या है खबर?
भारत में कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को 3 मई के बाद दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है। इस दौरान ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में आने वाले जिलों में कुछ छूटें दी जाएंगी, वहीं रेड जोन में आने वाले जिलों में कड़ी पाबंदियां जारी रहेंगी।
गृह मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए ये जानकारी दी। अन्य बार की तरह इस बार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन बढ़ाने की जानकारी देने नहीं आए।
जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने दिन में की थी बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिन में गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य मंत्रियों के साथ बैठक की थी जिसमें 3 मई को लॉकडाउन खत्म होने के बाद की रणनीति पर चर्चा की गई थी। इसी के बाद ये आदेश जारी किया गया है।
आदेश
गृह मंत्रालय ने कहा- लॉकडाउन से हुआ लाभ
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि लॉकडाउन के कारण कोरोना वायरस की स्थिति में काफी लाभ हुआ है और इसलिए लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाया जा रहा है। लॉकडाउन बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग किया है।
इसमें कहा गया है कि पहले से ही जारी मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले जिलों को लॉकडाउन में छूट मिलेगी।
जोन
ऐसे अलग-अलग जोन में विभाजित होंगे जिले
आदेश में बताया गया है कि जिन जिलों में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं आया हो या फिर जिनमें पिछले 21 दिन से कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया हो, उन्हें ग्रीन जोन में शामिल किया जाएगा।
इसके विपरीत सक्रिय मामलों की संख्या, मामले दोगुने होने की दर और टेस्टिंग और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा के बाद किसी जिले को रेड जोन में डाला जाएगा।
जो जिला इन दोनों जोन में नहीं होगा, वो ऑरेंज जोन में आएगा।
आदेश
कंटेनमेंट जोन में सभी लोगों को डाउनलोड करना होगा 'आरोग्य सेतु' ऐप
रेड जोन और ऑरेंज जोन के सबसे संवेदनशील इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। किस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित करना है, ये फैसला जिला प्रशासन लेगा और इन इलाकों में रहने वाले सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाइनलोड करना होगा।
कंटेनमेंट जोन में मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के अलावा अन्य किसी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी और लोगों को बाहर आने-जाने नहीं दिया जाएगा। इन इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
जोन का बंटवारा
जिलों में खतरे के स्तर और जोन को नहीं घटा सकेंगे राज्य
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हर हफ्ते रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले सभी जिलों की सूची साझा करेगा।
राज्य खुद से समीक्षा कर अतिरिक्त जिलों को रेड और ऑरेंज जोन में शामिल कर सकते हैं। हालांकि राज्यों को किसी भी जिले में खतरे का स्तर घटाने की इजाजत नहीं होगी।
इसका मतलब राज्य किसी जिले को रेड से ऑरेंज और ऑरेंज से ग्रीन में तब्दील नहीं कर सकेंगे।
जानकारी
देश में अभी 130 जिले रेड जोन में
स्वास्थ्य मंत्रालय की इस हफ्ते की सूची के मुताबिक अभी देश के 130 जिले रेड जोन में आते हैं। वहीं 284 जिले ऑरेंज जोन और 319 जिले ग्रीन जोन में आते हैं। राजधानी दिल्ली समेत सभी मेट्रो शहर रेड जोन में हैं।
पाबंदी
पूरे देश में बंद रहेंगी ये गतिविधियां
गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के तहत कुछ गतिविधियां सभी जोन में बंद रहेंगी। इनमें हवाई सफर, रेल, मेट्रो और बसों के जरिए अंतरराज्यीय सफर आदि शामिल हैं। मेडिकल और गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी की गई सेवाओं में काम कर रहे लोगों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को अंतरराज्यीय सफर की इजाजत नहीं होगी।
सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल्स, जिम और स्विमिंग पूल्स आदि भी बंद रहेंगे।
रोक
सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक
गृह मंत्रालय ने अगले दो हफ्ते के लिए सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगाई है। सभी धार्मिक स्थल और पूजा स्थल लोगों के लिए बंद रहेंगे। किसी धार्मिक गतिविधि के लिए एक साथ इकट्ठा होने पर भी पाबंदी जारी रहेगी।
कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य सभी जोन में OPD सेवाएं चल सकती हैं, हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।
रेड जोन
रेड जोन में क्या खुलेगा, क्या नहीं?
इनके अलावा रेड जोन में साइकिल रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर, बसों का अंतरराज्यीय और अंतर-जिला आवागमन, नाई की दुकान, स्पा और सैलून भी बंद रहेंगे।
दुकानों पर पुराना नियम लागू रहेगा और बाजार से बाहर की सभी दुकानें खुली रहेंगी।
रेड जोन में निजी दफ्तरों को 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्य करने की इजाजत दी गई है। वहीं सरकारी दफ्तरों में उप सचिव से ऊपर के सभी कर्मचारी और उसके नीचे के 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम होगा।
ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन
ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में इन गतिविधियों को मंजूरी
वहीं ऑरेंज जोन में टैक्सी और ओला-उबर को एक ड्राइवर और दो यात्रियों के साथ चलने की इजाजत दी गई है। पहले से मंजूर गतिविधियों के लिए लोगों को अंतर-जिला आवाजाही की इजाजत दी जाएगी।
वहीं ग्रीन जोन में पूरे भारत में बंद गतिविधियों के अलावा अन्य सभी गतिविधियां चालू रहेंगी। बसें और बस डिपो 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य कर सकेंगे।
किसी भी जोन में किसी भी राज्य को माल के आवागमन पर रोक की इजाजत नहीं है।
शराब की दुकानें
कंटेनमेंट जोन के बाहर खुल सकेंगी शराब की दुकानें
ग्रीन जोन में 3 मई के बाद शराब की दुकानें खुल सकेंगी। वहीं रेड जोन और ऑरेंज जोन में जो इलाके कंटेनमेंट जोन में नहीं आते, वहां शराब की दुकानें खुली रहेंगी।
विक्रेताओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करना होगा और एक समय पर दुकान पर पांच से ज्यादा ग्राहक नहीं होने चाहिए।
बता दें कि शराब की बिक्री से रोक हटाना राज्यों की एक बड़ी मांग थी क्योंकि उन्हें इससे बहुत कमाई होती है।
स्थिति
भारत में क्या है कोरोना वायरस की स्थिति?
भारत में शुक्रवार शाम पांच बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 35,365 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 1,152 लोगों की मौत हुई है, वहीं 9,065 को सफल इलाज के बाद घर भेजा जा चुका है।
महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है और यहां अब तक 10,498 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 459 लोगों की मौत हुई है।
कोरोना वायरस के ज्यादातर नए मामले शीर्ष पांच राज्यों से सामने आ रहे हैं।