
हिमालय में बर्फबारी सामान्य से काफी कम, निचले इलाकों में जल संकट की संभावना
क्या है खबर?
नेपाल स्थित अंतर-सरकारी संगठन अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (ICIMOD) की रिपोर्ट की मानें तो हिंदु-कुश हिमालय में बर्फबारी सामान्य से काफी कम हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2003 से 2023 के दौरान ऐतिहासिक अवलोकनों की तुलना में नवंबर 2023 और अप्रैल 2024 के बीच 23 से 15 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।
पूरे क्षेत्र में बर्फ का स्तर सामान्य से पांचवां हिस्सा कम है। सबसे अधिक गिरावट पश्चिमी क्षेत्र में है, जहां जलापूर्ति में इसका योगदान अधिक है।
खतरा
अलग-अलग नदी बेसिन में क्या है स्तर?
रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, गंगा नदी बेसिन में बर्फबारी सामान्य से 17 प्रतिशत कम रही, जबकि ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन में बर्फबारी सामान्य से 14.6 प्रतिशत कम रही।
हेलमंद नदी बेसिन में बर्फबारी में सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य से 31.8 प्रतिशत कम है। इससे पहले 2018 में सबसे कम स्तर था, उस समय 42 प्रतिशत की कमी आई थी।
सिंधु नदी बेसिन में सामान्य से 23.3 प्रतिशत कम बर्फबारी हुई, जो 22 वर्षों में सबसे कम है।
रिपोर्ट
हिमालय में बर्फबारी पर असर से जलापूर्ति होगी प्रभावित
हिंदू-कुश हिमालय क्रायोस्फीयर पर निर्भर है, जिसमें धरती की सतह पर जमे पानी, बर्फ, झील, ग्लेशियर शामिल है। यह जमा पानी हिमालय क्षेत्र के करीब 24 करोड़ लोगों के लिए मीठे पानी का स्रोत है।
इससे नीचे रहने वाले 165 करोड़ लोगों को भी लाभ होता है। बर्फ पिघलने से हिंदु-कुश हिमालय से निकलने वाली 12 नदियों के कुल प्रवाह का 23 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
इसका योगदान नदी-नदी के हिसाब से अलग-अलग होता है।