
ड्रग्स को लेकर बॉलीवुड पर अभियान चलाने वाले न्यूज चैनलों के खिलाफ कोर्ट पहुंचे फिल्म निर्माता
क्या है खबर?
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल आने के बाद कई समाचार चैनलों ने बॉलीवुड के खिलाफ जमकर अभियान चलाया था।
कई चैनलों ने तो पूरे बॉलीवुड को ड्रग्स का जाल करार दे दिया था, लेकिन अब इसको लेकर कई फिल्म निर्माताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
चार बॉलीवुड एसोसिएशन और 34 बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं की ओर से दायर की गई याचिका में बॉलीवुड हस्तियों का मीडिया ट्रायल रोकने की मांग की गई है।
मुकदमा
दो न्यूज चैनलों के खिलाफ दायर किया मुकदमा
NDTV के अनुसार सुशांत सिंह की मौत की जांच के मामले में करण जौहर, आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान, आदित्य चोपड़ा और फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनियां, चार बॉलीवुड एसोसिएशनों और 34 निर्माताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट में कुछ मीडिया हाउसों द्वारा गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग का मुकदमा दायर किया है।
यह मुकदमा रिपब्लिक टीवी और चैनल के अर्नब गोस्वामी और प्रदीप भंडारी, टाइम्स नाउ और इसके शीर्ष चेहरे राहुल शिवशंकर और नविका कुमार के खिलाफ दायर किया गया है।
याचिका
"चैनलों को अपमानजनक टिप्पणी करने से बचना चाहिए"
याचिका में कहा गया है कि चैनलों और साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को बॉलीवुड और इसके सदस्यों के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने या प्रकाशित करने से बचना चाहिए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि चैनलों को फिल्म हस्तियों का मीडिया ट्रायल चलाने और इंडस्ट्री के लोगों की गोपनीयता के अधिकार में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।
उन्होंने याचिका में बॉलीवुड हस्तियों का मीडिया ट्रायल रोकने की मांग की है।
दलील
समाचार चैलनों ने बॉलीवुड को बताया था 'गंदगी'
याचिका के अनुसार चैनलों ने अपने कवरेज में बॉलीवुड के लिए 'ड्रगिज', 'गंदगी' और 'scum (मैला)' जैसे अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया था। यहां तक की यह भी कहा गया कि बॉलीवुड में व्याप्त गंदगी को साफ करना होगा।
इसी तरह कहा गया था कि अरब से सभी परफ्यूम भी बॉलीवुड की दुर्गन्ध को नहीं मिटा सकते और बॉलीवुड कोकीन और ड्रग्स से सरोबार देश का सबसे गंदा उद्योग है। इन शब्दों ने बॉलीवुड की गरीमा को भंग कर दिया।
जानकारी
चैनलों से की प्रोग्राम कोड, 1994 का पालन कराने की मांग
फिल्म निर्माताओं ने याचिका में चैनलों से प्रोग्राम कोड, 1994 का पालन कराने की मांग की है। इसके तहत समाचार चैनलों को बॉलीवुड के खिलाफ प्रकाशित सभी अपमानजनक सामग्री को वापस लेना होता है और स्पष्टीकरण देना होता है।
रोजगार
देश में रोजगार का बड़ा स्रोत है बॉलीवुड
फिल्म निर्माताओं का कहना है कि बॉलीवुड एक मान्यता प्राप्त वर्ग है। यह सरकारी खजाने के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत है।
यह फिल्मों, पर्यटन आदि की विदेशी रिलीज से राजस्व के माध्यम से भारत के लिए महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा अर्जित करता है और रोजगार का एक बड़ा स्रोत है।
फिल्म उद्योग पूरी तरह से सद्भावना, सराहना और अपने दर्शकों की स्वीकृति पर निर्भर है, लेकिन चैनलों के अभियान ने इससे जुड़े लोगों की आजीविका को खासा प्रभावित किया है।
याचिका
इन हाउसों ने दायर की है याचिका
समाचार चैनलों के खिलाफ याचिका दायर करने वालों में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन, एड-लैब्स फिल्म्स, अजय देवगन फिल्म्स, अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क, अरबाज खान प्रोडक्शंस, आशुतोष गोवारिकर प्रोडक्शंस, एक्सेल एंटरटेनमेंट, कबीर खान फिल्म्स, नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट, राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट, रोहित शेट्टी पिक्चर्स, रॉय कपूर प्रोडक्शंस और विशाल भारद्वाज फिल्म्स आदि शामिल है।
सभी याचिकाकर्ताओं ने बॉलीवुड के गरिमा बनाए रखने के लिए अपेक्षित कदम उठाने की मांग की है।
जुर्माना
NBSA ने आजतक पर लगाया था एक लाख रुपये का जुर्माना
बता दें कि सुशांत सिंह की मौत के मामले में प्रमुख समाचार चैनलों ने कवरेज में अपनी सारी गरिमा को ताख में रख दिया था।
इस पर नाराजगी जताते हुए गत दिनो समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (NBSA) फर्जी ट्वीट को टेलीकास्ट करने को लेकर आजतक चैनल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
इसके अलावा आजतक और इंडिया टीवी सहित अन्य चैनलों को नियमानुसार कवरेज करने और ऑन एयर माफी मांगने के लिए भी कहा था।